खेत पाठशाला से मिली जानकारी ने कृषक शिवप्रसाद सिंह का बदल दिया जीवन

shivmangal singh

Publish: May, 17 2018 08:31:16 PM (IST)

Shahdol, Madhya Pradesh, India
खेत पाठशाला से मिली जानकारी ने कृषक शिवप्रसाद सिंह का बदल दिया जीवन

मेड़ागास्कर पद्धति से खेती

खेत पाठशाला से मिली जानकारी ने कृषक शिवप्रसाद सिंह का बदल दिया जीवन
शहडोल .जिले के जयसिंहनगर विकास खण्ड के ग्राम मोहनी के कृषक शिवप्रसाद सिंह पिता रूद्रभान सिंह ने बताया कि वे छिटकवा पद्धति से धान, गेंहू एवं चने की फसल लेते थे। रासायनिक उर्वरक का प्रयोग नहीं करते थे, बल्कि खेतों में कच्चा गोबर, खाद डाल देते थे जिससे दीमक के प्रकोप के साथ-साथ खरपतवार और चारा भी अधिक होता था। परिणाम स्वरूप निंदाई, गुड़ाई में काफी व्यय आता था। आत्मा परियोजना के अधिकारी जगत कुमार पनिका की सलाह पर मेड़ागास्कर पद्धति से खेती शुरू की, उन्नत कृषि यंत्र , सीड ड्रिल तथा जैविक उर्वरक का प्रयोग करना प्रारंभ किया तो अप्रत्याशित परिणाम मिलने प्रारंभ हुये। आपने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारियों का प्रयोग करते हुये कोनी वीडर का उपयोग किया। अब मुझे मात्र 2 हेक्टेयर में 175 क्विंटल धान का उत्पादन प्राप्त हुआ। फसल की कतारबद्ध बुवाई से चना एवं गेंहू के फसल उत्पादन 60 से 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई साथ ही कृषि विभाग द्वारा अनुदान से प्राप्त सीड ड्रिल से किराये पर अन्य किसानों के यहां बुवाई करके 15 हजार रूपये की अतिरिक्त आय प्राप्त कर लेते हैं।
कृषक शिवप्रसाद सिंह ने बताया कि पहले धान एवं गेंहू की फसल परिवार के खाने के लिये ही होती थी। अब मैं धान, चना, मसूर और अलसी को मिलाकर 140 क्विंटल अनाज बेच लेता हूं। अब समाज में मेरी पहचान उन्नतशील कृषक के रूप मे होने लगी है। गांव एवं आसपास के किसान कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी प्राप्त करने मेरे पास आते हैं।
हाई स्कूल परीक्षा परिणाम में अच्छे अंक अर्जित प्रीति ने नगर का गौरव बढ़ाया
धनपुरी. माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा परिणाम में धनपुरी नगर के होनहार बच्चो ने अच्छे अंक लाकर नगर का नाम रोशन किया है ।कन्या हायर सेंकेण्डरी स्कूल की छात्रा प्रीति बैगा हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में 86 प्रतिशत अंक लाकर विद्याालय को गौरन्वित किया है ।उसने 500 में 432 अंक प्राप्त किया और विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया ।प्रीति बैगा कालरी कर्मचारी सुखदयाल बैगा की एकलौती पुत्री है । प्रीती ने बताया कि मुझे मेरे माता पिता एवं विघालय के शिक्षको का पूरा सहयोग मिला जिस कारण मैने यह सफलता प्राप्त की ।
प्रीति ने कहा कि मैं साइंस में काफी रुचि रखती हूं और आगे जाकर डाक्टर बनना चाहूंगी जिसके लिये मैं पूरी मेहनत से पढ़ाई करूंगी । एमबीबीएस में मुझे कामयाबी मिलेगी मुझे यह भरोसा है ।
प्रीति की इस सफलता पर लोगो ने बधाई दी है।

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