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शाहडोल

लॉकडाउन-हर पल हमारा घर रहे रोशन, इसलिए यहां नहीं थमे रेलगाडिय़ों के पहिए

कोरोना की दहशत में भी देश के पावर प्लांट में प्रतिदिन पहुंचा रहे हैं करीब दो लाख टन से ज्यादा कोयला, ट्रेन लोको पॉयलट निभा रहे है अपनी महती भूमिका

शाहडोलMar 28, 2020 / 08:15 pm

brijesh sirmour

लॉकडाउन-हर पल हमारा घर रहे रोशन, इसलिए यहां नहीं थमे रेलगाडिय़ों के पहिए

लॉकडाउन-हर पल हमारा घर रहे रोशन, इसलिए यहां नहीं थमे रेलगाडिय़ों के पहिए

शहडोल. लॉकडाउन में हमारे जीवन को सुरक्षित रखने में इन दिनों दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे अपनी अहम भूमिका का निर्वहन कर रहा है। जहां एक ओर सभी यात्री ट्रेनों को रद्द करके दूसरे क्षेत्र, प्रदेश या विदेश से आने वाले कोरोना संक्रमित लोगों से बचाव किया जा रहा है। वहीं दूूसरी ओर हमें हर पल बिजली उपलब्ध कराने के लिए रेलवे व उसका स्टाफ पूरी तन्मयता के साथ देश के उर्जा घरों में कोयला पहुंचाने में जुटा हुआ है। इस प्रकार यदि आज हम सब लॉकडाउन में अपने-अपने घरों में सुरक्षित है, तो इसमें रेलवे के लोको पॉयलट सहित अन्य स्टॉफ की महती भूमिका है। बिलासपुर रेल मंडल से प्रतिदिन दो लाख टन से भी ज्यादा कोयला देश के विभिन्न बिजली घरों तक पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा राशन और लोगों के अन्य दैनिक जीवन उपयोगी सामग्रियों का भी रेलवे द्वारा परिवहन किया जा रहा है। जिसमें रेलवे के करीब 500 से ज्यादा कर्मवीर लोग अपनी सेवाएं दे रहे है।
16 सायडिंग से निकल रहा है कोयला
रेलवे सूत्रों के अनुसार दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर करीब 16 सायङ्क्षडग से कोयला निकल रहा है। जिसे प्रतिदिन 60 से 70 मालगाडिय़ों के माध्यम से देश के विभिन्न उर्जा घरोंं तक पहुंचाया जा रहा है।इस क्षेत्र की कोल सायडिंग में बुढ़ार, अमलाई, नौरोजाबाद, बीरङ्क्षसहपुर पाली, कोतमा, बिजुरी, न्यू राजनगर, राजनगर, चिरमिरी, डोमनहिल, बैकुण्ठपुर, कटोरा, करंजी, विश्रामपुर, परसा और सूरजपुर शामिल है। जिसमें सर्वाधिक कोयला परसा और सूरजपुर रेल सायडिंग से निकल रहा है।

छह प्रांतों के 17 बिजली घरों में भेजा जा रहा है आदिवासी अंचल का कोयला
प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत देश के छह प्रांतों के 17 बिजली घरों में आदिवासी अंचल का कोयला भेजा जा रहा है। जिसमें संजय गांधी थर्मल पावर हाउस जबलपुर, जीईबी पावर हाउस गुजरात, एसडीजी चंदेरिया राजस्थान, एसडीजी स्कवलिया गुजरात, एसडीजी कलाम्ना महाराष्ट्र, रोपर थर्मल प्लांट पंजाब, सिंगागी थर्मल पॉवर प्लांट मध्यप्रदेश, अहमदाबाद इलेक्ट्रिक कोआपरेशन गुजरात, गुजरात इलेक्ट्रिक बोर्ड, यूबी राजस्थान, जीएमआर छत्तीसगढ़ इनर्जी रायपुर, सूरतगढ थर्मल पावर हाउस राजस्थान और राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन केन्द्र जयपुर शामिल है।
इनका कहना है
कोरोना वायरस के संक्रमण की विषम परिस्थितियों में भी रेलवे के कर्मवीर अपनी सहभागिता निभा रहे हैं और देश के विद्युत घरों में कोयला पहुंचाने का कार्य तो कर ही रहे है। साथ ही राशन सहित अन्य दैनिक जीवन उपयोगी सामग्रियों का भी परिवहन कर रहे हैं।
अंबिकेश साहू , जनसंपर्क अधिकारी, दक्षिण-पूर्व-मध्य रेल मंडल बिलासपुर ।

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