राहत: सीई-एमआरआई के लिए शहडोल में लगेगी मशीन, मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर

अब मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स से उपलब्ध होगी सुविधा
इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदान करेगा मेडिकल कॉलेज, कंपनी लगाएगी मशीनें

By: Ramashankar mishra

Published: 06 Jan 2021, 12:34 PM IST

शहडोल. जिला मुख्यालय सहित आस-पास के क्षेत्रो में सीआईएमआरआई की सुविधा उपलब्ध न होने से मरीजों और परिजनो को काफी परेशान होना पड़ता है। सीआईएमआरआई के लिए उन्हे दूसरे शहर जाना पड़ता है। जहां उन्हे आवागमन में परेशानी होती है साथ ही ज्यादा भुगतान करना पड़ता है। जिसे ध्यान में रखते हुए यह सुविधा अब मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जल्द ही मेडिकल कॉलेज में सीई-एमआरआई सेंटर खुल जाएगा। जिसका लाभ शहडोल के साथ ही पड़ोसी जिले के मरीजों को भी मिलेगा। इसके लिए प्रबंधन द्वारा आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई है। प्रबंधन द्वारा ऑउटसोर्स की मदद से यह सुविधा प्रारंभ की जाएगी। इसके लिए भोपाल स्तर पर टेंडर व अन्य प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर व चिकित्सक उपलब्ध कराएगा वहीं कंपनी द्वारा मशीनरी लगाई जाएगी।
शहडोल में नहीं सुविधा, प्राइवेट में लगते हैं 6 हजार
उल्लेखनीय है कि संभागीय मुख्यालय होने के बाद भी यहां अभी तक सीआईएमआरआई की सुविधा नहीं है। जिसके चलते शहडोल सहित अनूपपुर व उमरिया के मरीजों को इसके लिए जबलपुर या फिर रीवा जाना पड़ता है। ऐसे में उन्हे जहां आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है वहीं निजी सेंटरों मे सीआईएमआरआई कराने पर 6000-7000 रुपए तक का खर्च बहना करना पड़ता है।
गरीबों की होगी नि:शुल्क जांच
मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा प्रारंभ हो जाने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। सीआईएमआरआई सेंटर प्रारंभ होने से मरीजों को आवागमन से निजात मिल जाएगी वहीं बड़े शहरों की तुलना पर यहां कम दाम पर उनका सीआईएमआरआई हो सकेगा। वहीं गरीब परिवारों को नि:शुक्ल जांच का लाभ मिलेगा। जिले में एमआरआई की सुविधा मिल जाने से लोगों का पैसा और समय दोनों बचेगा।
इसलिए सीई-एमआरआई है आवश्यक
सीआईएमआरआई एडवांस जांच होती है जो कि काफी मंहगी होती है। यह मरीजों के लिए कई मायने में आवश्यक है। विशेषज्ञों की माने तो ऑपरेशन सहित अन्य बीमारियों के समुचित इलाज में सीआईएमआरआई मददगार साबित होती है। गंभीर बीमारी में मरीजों को कौन सा ट्रीटमेंट दिया जाना है, ऑपेरशन करने की स्थिति है या नहीं, कैंसर की क्या स्थिति है सहित अन्य बीमारियों का आसानी से पता लगाया जा सकता है।
इनका कहना है
प्राइवेट सेंटर की मदद से सीई-एमआरआई सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सीई-एमआरआई से मरीजों व उनके परिजनो को काफी राहत मिलेगी।
डॉ. मिलिन्द शिरालकर, डीन, मेडिकल कॉलेज शहडोल

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