शहडोल संभाग से विधानसभा चुनाव में ताल ठोक सकते हैं दो किन्नर

शहडोल संभाग से विधानसभा चुनाव में ताल ठोक सकते हैं दो किन्नर

shivmangal singh | Publish: Sep, 11 2018 08:53:31 PM (IST) | Updated: Sep, 11 2018 08:56:17 PM (IST) Shahdol, Madhya Pradesh, India

शहडोल के जयसिंहनगर विधानसभा से शालू और अनूपपुर की कोतमा सीट से लड़ेंगी शबनम मौसी

शहडोल। विधानसभा चुनाव में सोहागपुर सीट से एक किन्नर को जिताकर विधानसभा पहुंचाकर शहडोल अचानक देशभर में चर्चा में आ गया था। ये पहला मौका था जब देश में पहली बार किन्नर शबनम मौसी चुनाव जीतकर पहुंचीं थीं। देश में ये लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा। इसके बाद कटनी से जब कमला मौसी महापौर पद पर जीतीं तो देश भर राजनीति को लेकर एक नई बहस छिड़ गई थी कि आखिर जनता क्यों किन्नरों को जिता रही है, क्या नेताओं से असंतोष इस कदर बढ़ गया है।
इस वर्ष मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, भाजपा यहां पर पिछले 15 साल से सत्ता पर काबिज है। कांग्रेस और भाजपा ने अपनी सरकार बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया हुआ है। इसी बीच अचानक मंगलवार को किन्नर शालू मौसी ने ये ऐलान करके कि वे जयसिंहनगर से विधानसभा चुनाव लड़ेंगी, एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में पत्रकारों के सामने ऐलान किया कि जयसिंहनगर की जनता सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं है। उनसे जनता का दर्द देखा नहीं जाता इसलिए जयसिंहनगर सीट से 2018 में विधानसभा से चुनाव लड़ेंगी।
शालू मौसी ने मीडिया के सामने किया ऐलान
शादी-विवाह और अन्य शुभ अवसरों पर दुआएं देने के लिए ग्रुप के साथ घर-घर पहुंचने वाली किन्नर शालू मौसी ने 2018 में विधानसभा चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। वे चुनाव शहडोल जिले की जयसिंहनगर सीट से लड़ेंगी। उन्होंने यह ऐलान मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपने तीन अन्य सहयोगियों के साथ मीडिया के समक्ष किया है। वर्तमान में उमरिया कैम्प निवासरत शालू मौसी ने शहडोल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है। उनके साथ सोनाली मौसी, शिवानी मौसी व बिल्लू मौसी ने भी चुनाव में हर कदम पर साथ खड़ रहने का भरोसा दिलाया है। शालू मौसी ने बताया है कि पाली क्षेत्र के ग्राम बलबई के बेहद गरीब परिवार से हैं और सोनाली व शिवानी मौसी के साथ शहडोल जिला उनका कार्यक्षेत्र है। उन्होंने कहा कि अपने काम के दौरान उन्हें लोगों की समस्याओं से रूबरू होने का मौका मिला। जिसे दूर करने के लिए उसने जयङ्क्षसहनगर क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडऩे की ठानी है। बताया कि वह ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं है, लेकिन साक्षर है।
शबनम मौसी लड़ सकतीं हैं कोतमा से
इसी बीच ये भी चर्चा जोर पकड़ रही है कि शहडोल जिले की सोहागपुर सीट से विधायक रहीं शबनम मौसी अनूपपुर की कोतमा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ सकतीं हैं। हालांकि शबनम मौसी ने इसका औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन पत्रिका से एक अनौपचारिक चर्चा में उन्होंने कहा कि वे कोतमा से चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहीं हैं। गौरतलब है कि 1998 में सोहागपुर (शहडोल) विधानसभा सीट से जीते कृष्णपाल सिंह के निधन के बाद हुए उपचुनाव में शबनम मौसी ने चुनाव जीतकर देशभर में सनसनी फैला दी थी। पहली किन्नर थीं जो चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं थीं। शबनम मौसी के पिता एसपी रहे हैं। बेहद मामूली स्कूली शिक्षा प्राप्त करने वाली शबनम मौसी कई भाषाओं की जानकार हैं और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहतीं हैं। उन्होंने किन्नरों के हित में काम करने अलावा समाज के अन्य जरूरतमंद तबके के लिए भी लड़ाई लड़ी है।

 

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