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इस एक्ट के विरोध में दिखी लोगों की ताकत

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार की ओर से एट्रोसिटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में गुरुवार को पूरा शहर सहित अंचल बंद रहा।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार की ओर से एट्रोसिटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में गुरुवार को पूरा शहर सहित अंचल बंद रहा।

शाजापुर. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार की ओर से एट्रोसिटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में गुरुवार को पूरा शहर सहित अंचल बंद रहा। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में सभी समाजजनों व संगठनों ने समर्थन दिया। सुबह से लेकर दोपहर तक शहर के मुख्य बाजार सहित गली-मोहल्लों तक में सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। जो इक्का-दुक्का दुकानें खुली थी उनको निवेदनपूर्वक बंद करवाया। बंद के कारण राजनीतिक दलों में भी खलबली मच गई।
सुबह 6 बजे से ही शहर की सड़कों पर सपाक्स, ब्राह्मण, श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, श्री परशुराम सेना सहित अन्य समाज एवं संगठन सदस्य एकत्रित होकर निकल पड़े। पूरे शहर में मुख्य बाजारों से लेकर गली-मोहल्लो और कॉलोनियों तक में सभी ने घूमकर लोगों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आग्रह किया। इसके पहले ही शहर में अधिकांश लोगों ने एक्ट के विरोध में प्रतिष्ठान बंद रखे। कुछेक दुकानें जो खुली थी वहां पर संगठन के सदस्यों ने पहुंचकर समझाइश दी। इसके बाद वे दुकानें भी बंद हो गईं। दोपहर 2 बजे तक शहर में लोग चाय-नाश्ते तक के लिए तरस गए। दोपहर बाद प्रतिष्ठान खुलना शुरू हुए। हालांकि कई ने पूरे दिन ही प्रतिष्ठान बंद रखे। समाजजन दोपहिया से पूरे शहर में भ्रमण करते रहे।
दुपाड़ा और नैनावद में भी दिखाई दिया बंद का असर
दुपाड़ा में भी बंद का व्यापक असर दिखा। प्रतिष्ठान सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक बंद रखे। व्यापारी संघ अध्यक्ष गिरीराज पालीवाल, सचिव पुरुषोत्तम स्वामी, बाबूलाल राठौर, दुलेसिंह ठाकुर, गिरीराज नागर, मोहन प्रजापति, तिलक नारायण ने चौकी प्रभारी मोनिका एब्रियो को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। नैनावद में भी बंद के आह्वान पर समाजजनों ने पूरे गांव की समस्त दुकानों को तुरंत ही
बंद करवा दिया।
सपाक्स कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर किया कार्य
जिला सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) के शासकीय सेवकों ने कर्तव्य स्थलों पर उपस्थिति देकर काले वस्त्र या काली पट्टी बांधकर एक्ट में संशोधन का विरोध किया। सपाक्स जिला नोडल ऑफिसर जॉय शर्मा ने बताया जिले के विभिन्न कार्यालयों सहित ग्रामीण अंचलों के स्कूल में शासकीय कार्य करते हुए भी अपना विरोध प्रदर्शन किया।
निजी स्कूल रहे बंद, सरकारी स्कूलों में उपस्थिति नहीं रही
भारत बंद का समर्थन करते हुए शहर के सभी निजी स्कूल बंद रहे। ऐसे में शहर में एक भी निजी स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति नहीं रही। दूसरी ओर सरकारी स्कूल तो खुले रहे, लेकिन किसी में भी विद्यार्थी नहीं पहुंचे। शिक्षक और स्टाफ खाली बैठे रहे।