जान जोखिम में: पहले हमारे जानवरों को बचाओ नहीं तो हम भी दे देंगे जान, प्रशासन की बड़ी मुश्किलें

जान जोखिम में: पहले हमारे जानवरों को बचाओ नहीं तो हम भी दे देंगे जान, प्रशासन की बड़ी मुश्किलें

Gaurav Sen | Publish: Sep, 09 2018 04:13:49 PM (IST) | Updated: Sep, 09 2018 04:24:15 PM (IST) Sheopur, Madhya Pradesh, India

जान जोखिम में: पहले हमारे जानवरों को बचाओ नहीं तो हम भी दे देंगे जान, प्रशासन की बड़ी मुश्किलें

पिन्टू गोयल (ढोढर/श्योपुर)

मवेशियों को चराने गए तीन लोग चंबल नदी की बाढ़ में फंस गए। मामला ढोढर थाना क्षेत्र में कीरो की सांड का है। माकड़ौद निवासी रामअवतार कीर, काडू कीर और बगदिया निवासी लल्लू कीर शनिवार को मवेशियों को चराने के लिए कीरो की सांड की तरफ खेतों पर लेकर गए थे। तभी दोपहर बाद अचानक बढ़े चंबल नदी के पानी ने इनको चारों तरफ से घेर लिया। इनके बाढ़ में फंसने की सूचना मिलने पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी सहित बाढ़ राहत दल की टीम भी मौके पर पहुंच गए। जो बाढ़ में फंसे तीनों लोगों को निकालने में जुट गई। शनिवार सुबह 9 बजे से तीनों लोग फंसे हुए थे। दोपहर के बाद शाम और रात होने तक तीनों को बाहर नहीं निकाला गया था। रात पर प्रशासन पूरे अमले के साथ मौक पर डटा रहा।

रविवार सुबह जब स्टीमर से पुलिस के जवान तीनों फंसे लोगों के पास पहुंचे तो उन लोगों ने स्टीमर में बैठने से मना कर दिया। पुलिस ने जब इसका कारण पूछा तो वे कहने लगे की हमारे जानवर( भैंस) भी यहां पानी में फंसी हुई हैं। प्रशासन से कहो कि पहले इन्हें यहां से निकालें। तभी हम लोग वापस निकलेंगे। इस पर पुलिस ने कहा कि पहले तुम लोग यहां से निकलों फिर इन जानवरों को भी निकालने की व्यवस्था करते हैं तो तीनों मना करने लगे।

जैसे तैसे लल्लू नाम का ग्रामिण अपनी जान की फिकर कर टीम के साथ किनारे तक आ गया। बाकि के दोनों लोगों को निकालने के का प्रयास किया जा रहा है। टापू पर फंसे दोनों लोग जानवारों को न निकालने पर प्रशासन को आत्महत्या करने की धमकी दे रहे हैं। असमंजस में फंसी पुलिस की टीम और राजस्व विभाग के लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या किया जाए। स्टीमर में जानवरों को लाना संभव नहीं हैं। ग्रामिण बिना जानवरों को बाहर निकालनें को तैयार नहीं हैं।

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