बिना डॉक्टर चल रहा अस्पताल, जानिए कैसे...

Mahendra Rajore

Publish: Sep, 13 2017 11:20:53 (IST)

Shivpuri, Madhya Pradesh, India
बिना डॉक्टर चल रहा अस्पताल, जानिए कैसे...

दिनारा अस्पताल में बीते तीन माह से डॉक्टर नहीं है। यहां आने वाले मरीजों को लक्षण के आधार पर दवा दी जा रही है।

दिनारा. करैरा जनपद की ग्राम पंचायत दिनारा में स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह से ठप हो चुकी हैं। यहां कहने को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन लोगों को प्राथमिक उपचार भी नसीब नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि दिनारा अस्पताल में बीते तीन माह से डॉक्टर नहीं है। यहां आने वाले मरीजों को लक्षण के आधार पर दवा दी जा रही है। ऐसी स्थिति में फिर उसे गंभीर हालत में अन्य अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। आठ हजार आबादी वाली दिनारा ग्राम पंचायत सहित आसपास के आधा सैकड़ा गांव के मरीज परेशान हो रहे हैं। लेकिन आम जनता की परेशानी की ओर न तो जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे और न ही जिम्मेदार महकमे को इनकी चिंता है।
बीते जून माह से दिनारा स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ डॉक्टर दीपक वर्मा पीजी करने तीन साल के लिए रीवा गए हुए हैं। तब से लेकर आज तक दिनारा स्वास्थ्य केंद्र बिना डॉक्टर के ही चल रहा है। स्वास्थ्य महकमे ने अपनी औपचारिकता निभाने पहले अस्पताल का चार्ज होम्योपैथिक चिकित्सक धर्मेन्द्र दीक्षित को दे दिया लेकिन कुछ दिन बाद ही उनकी ड्यूटी शिवपुरी में मलेरिया सर्वे में लगा दी। फिर दिनारा अस्पताल का चार्ज करैरा स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ डॉ अजीत जादौन को सौंप दिया लेकिन यह डॉक्टर चार्ज मिलने के बाद से एक भी बार दिनारा नहीं आए। अस्पताल में एएनएम व नर्से सामान्य डिलेवरी तो करा लेती हैं लेकिन जरा सी दिक्कत आने पर मरीज को रैफर करना पड़ता है। वहीं इस सीजन में मलेरिया व वायरल फीवर के मरीज काफी बड़ी संख्या में अस्पताल आ रहे हैं, लेकिन उन्हें उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। साथ ही दिनारा अस्पताल पर पदस्थ स्टाफ को अपने जरूरी कार्य कराने करैरा जाना पड़ता है।
अधिकांश समय अस्पताल में रहता है कम वोल्टेज
स्टाफ के मुताबिक अस्पताल में अधिकांश समय कम वोल्टेज आता है जिससे न तो पंखे चल पाते हैं और न फ्रिज। जनरेटर तो है लेकिन डीजल न होने से उसका उपयोग भी नहीं कर पा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी फ्रिज के न चलने से है, क्योंकि जरुरी वैक्सीन, इंजेक्शन व दवाईयां खराब हो जाती हैं। स्टाफ का कहना है कि उन्होंने अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं व परेशानियों से बीएमओ को अवगत कराया है लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो सका है। अस्पताल में पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर को हटा दिया गया है जिससे जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य जरुरी कार्य नहीं हो पा रहे हंै। एएनएम को दस्तावेज लेकर करैरा जाना पड़ता है।

&मैं पेट से संबंधित इलाज के लिए अस्पताल आई थी लेकिन स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर नहीं हैं। अब तो मजबूरी में प्राइवेट डॉक्टर के पास जाऊंगी।
सुशीला पाल, ग्राम छितीपुर
&खांसी जुकाम से परेशान हूं। कई बार अस्पताल आया लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। स्टाफ लक्षण पूछकर दवा दे देता है लेकिन आराम नहीं मिलता।
रामस्वरूप यादव, ग्राम कूड़
&दिनारा अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं की जानकारी हमें है। डॉक्टर व स्टाफ की कमी जिले भर में हैं, फिर भी हमारे पास जो संसाधन उपलब्ध हैं उससे हम व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं। आपने जो भी कमियां बताईं उसे दूर करने का हम प्रयास करेंगे।
डॉ प्रदीप शर्मा, बीएमओ करैरा

 

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