बैग से डिगी नजर तो पार हो गया सात लाख रूपए से भरा बैग

बाउचर भरते समय बैग से डिगी नजर तो पार हो गया सात लाख रूपए से भरा बैग, ज्ञान ट्रेडर्स का मैनेजर बैंक में आया था राशि निकासी करने, बाउचर भरते समय अज्ञात व्यक्ति ने पार कर दिया रूपयों से भरा बैगशिकायत के आधार पर पुलिस पहुंची बैंक, खंगाले सीसीटीवी कैमरे के फुटेज मौका मुआयना करने एसपी भी पहुंचे बैंक, सीसीटीवी फुटेज से की गई चोर की पहचान

By: suresh mishra

Published: 10 Jan 2019, 09:15 PM IST

सीधी। स्थानीय शहर के भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा के अंदर से गुरूवार की दोपहर अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक उपभोक्ता का सात लाख रूपयों से भरा बैग पार कर दिया गया। बाउचर भरते समय उपभोक्ता की निगाग जरा सा बैग डिगी और चद मिनट में ही बैग पार हो गया। उपभोक्ता ने बैंक के अंदर ही शोर मचाना शुरू कर दिया और बैंक प्रबंधन तुरंत हरकत में आ गया लेकिन तब तक चोर बैंक नौ दो ग्यारह हो चुका था। पीडि़त उपभोक्ता द्वारा मामले की शिकायत सिटी कोतवाली में करने पर कोतवाली पुलिस के साथ ही मामले की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंच गए और बैंक के सीसीटीवी कै मरे फुटेज खंगाले, हलांकि फुटेज देखने के बाद रूपयों से भरा बैग पार करने वाले की पहचान तो कर ली गई लेकिन यह पता नहीं लग सका है कि वह कौन और कहां का रहने वाला है। बहरहाल पुलिस आरोपी की पतासाजी करने में जुटी हुई है।
शिकायतकर्ता बृजेश कुमार पिता अवध किशोर तिवारी ३२ वर्ष साकिन दक्षिण करौंदिया वार्ड क्रमांक १० सीधी शहर के दक्षिण करौंदिया में संचालित ज्ञान ट्रेडर्स में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। उसके द्वारा सिटी कोतवाली में दिए गए शिकायती आवेदन में बताया गया कि गुरूवार की दोपहर करीब १२ बजे भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा सीधी आया था जहां कंपनी के खाते से ९ लाख रूपए का आहरण किया, जिसमें से दो लाख रूपए ज्ञान टायर के खाते में जमा किया, शेष सात लाख रूपए बैग में लेकर बैंक के अंदर उपभोक्ताओं के बैठने के लिए रखी गई कुर्सियों में बैठकर बाउचर भर रहा था, बगल में उसका साथी अखिलेश कुमार भी बैठा था, जबकि बीच वाली कुर्सी में रूपयों से भरा बैग रखे हुए थे, और बाउचर भर रहा था, इसी दरमियान बैग से चंद मिनटों के लिए निगाह हटी, दोबारा नजर डाली तो रूपयों से भरा हुआ बैग गायब था। दोनो ने इधर उधर नजर दौड़ाई, सामने बैठे कैशियर अवधेश गौतम से भी पूंछा व बताया कि हमारे बैग में रखा सात लाख रूपए कौन ले गया, लगता है कि कोई अज्ञात चोर कुर्सी के पीछे से रूपयों से भरा बैग पार कर गया। बैंक के आस पास तलाश किया लेकिन पता नहीं चला। शिकायत पर पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपी के विरूद्ध भादवि की धारा ३७९ के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ चोर-
एसीबीआई मुख्य शाखा सीधी से सात लाख रूपयों से भरा बैग पार करने की पूरी घटना बैंक के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, पुलिस ने फुटेज खंगाले तो पता चला कि एक बच्चा जिसकी उम्र करीब १२ से १४ वर्ष की होगी, उसके द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है। उक्त किशोर कई बार बैंक शाखा से अंदर बाहर जा रहा था और उपभोक्ता पर नजर रख रहा था, उसके द्वारा ज्ञान ट्रेडर्स के मैनेजर की निगाह ताक कर रूपयों से भरा बैग पार कर दिया गया।
बैंक प्रबंधन की लापरवाही उजागर-
भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा व उसके आस-पास से रूपए पार करने की यह पहली घटना नही है, इसके पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। बैंक के अंदर प्रवेश करने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर निगाह रखना एवं उन्हे बाहर करना तथा इसकी सूचना पुलिस को देने की जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन या फिर वहां तैनात सुरक्षा कर्मिंयों की है, लेकिन इस बात को लेकर बैंक प्रबंधन पुरी तरह से बेपरवाह बना हुआ है जिससे इस तरह की घटनाएं आम होती जा रही हैं।

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