कुकर्म के बाद पत्थर से कुचलकर की थी मासूम की हत्या, सूरत भागने से पहले आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान के सीकर जिले के भढाढर गांव में पत्थर की शिला से कुचलकर 12 वर्षीय बच्चे की हत्या करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

By: Sachin

Updated: 28 Jul 2021, 05:33 PM IST

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के भढाढर गांव में पत्थर की शिला से कुचलकर 12 वर्षीय बच्चे की हत्या करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी चूरू निवासी 20 वर्षीय विक्रम सिंह पुत्र गोपाल सिंह है। जिसने 21 जुलाई को कुकर्म करने के बाद मासूम की हत्या की थी। घटना के बाद वह सूरत भागने की फिराक में था। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने बुधवार को प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया है। मामले में जांच अब भी जारी है। गौरतलब है कि भढ़ाढर की एक सूनी हवेली में 25 जुलाई को मजदूर के 12 वर्षीय बच्चे का शिला से कुचला शव मिला था। जिसका चार दिन में गल-सड़ जाने की वजह से मौके पर ही पोस्टमार्टम किया कर अंतिम संस्कार किया गया था।

सीढिय़ों से गिराने के बाद सिर पर मारा पत्थर
आरोपी विक्रम ने बताया कि 21 जुलाई को सांवलोदा रोड स्थित शराब ठेके पर वह शराब पी रहा था। इस दौरान मासूम शराब ठेके के आसपास घूम रहा था। जिसे वह बिस्किट के लिए 10 रुपए के लालच में बहला-फुसलाकर गांव की पुरानी हवेली में ले गया। जहां उसके साथ कुकर्म करने के बाद उसने बच्चे को पीटना शुरू कर दिया और सीढिय़ों से गिराने के बाद पत्थर की शिला सिर पर मारकर उसकी हत्या कर दी।

सूरत भागने के लिए मंगाए रुपए, तभी पुलिस ने पकड़ा
घटना के बाद आरोपी घर से गायब हो गया था। दो दिन वह लक्ष्मणगढ़ चला गया। इसके बाद गुजरात के सूरत शहर में भागने की फिराक में था। इसके लिए उसने अपने ठेकेदार मालिक से 500 रुपए मांगे थे। गांव के पावर हाउस के पास खड़ा होने की बात कहते हुए उसने रुपए वहीं मंगवाए थे। इसी बीच पूछताछ करते हुए पुलिस जब ठेकेदार के पास पहुंची तो पावर हाउस के पास खड़े होने की जानकारी पर तुरंत टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे दस्तयाब कर लिया। जिसके बाद सख्ताई से पूछने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया।

आरोपी तक यूं पहुंची पुलिस
घटना के बाद गांव में पुलिस ने सादा कपड़ों में रहना शुरू कर दिया। घटना स्थल के नजदीक शराब ठेका होने की वजह से पुलिस को किसी शराबी पर ही हत्या का शक था। ऐसे में ठेके पर आने वाले शराबियों की सूची बनाई गई। जिसमें विक्रम का ही दो दिन से घर से गायब होना सामने आया। संदेह के आधार पर पुलिस ने उसका पीछा करना शुरू किया तो उसका ठेकेदार के यहां काम करने की जानकारी मिली। जिससे पूछताछ करने पर ठेकेदार ने विक्रम के सूरत जाने के लिए रुपए मांगने की बात कही। पुलिस के अनुसार विक्रम का परिवार 12 साल से गांव में ही रह रहा है।

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