स्टॉकिस्टों के हवाले हुए प्याज के भाव में उछाल

Gaurav kanthal | Publish: May, 29 2019 05:35:21 PM (IST) | Updated: May, 29 2019 06:54:48 PM (IST) Sikar, Sikar, Rajasthan, India

प्याज के भावों में गर्मी आते देख स्टॉकिस्ट सक्रिय हो गए हैं। मुनाफा कमाने के लिए स्टॉकिस्ट ने किसानों से खेतों में जाकर सीधा प्याज खरीदना शुरू कर दिया। स्टॉकिस्टों के हवाले होने से आने वाले दिनों में भी प्याज के भावों में सुर्खी बने रहने की संभावना है।

सीकर. लोकसभा चुनाव के परिणाम जारी होने के बाद रोजमर्रा की जरूरत प्याज आम आदमी को रूलाने लगा है। हाल यह है चुनाव से पहले सात रुपए वाला प्याज थोक में मंगलवार को 10 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। भावों में गर्मी आते देख स्टॉकिस्ट सक्रिय हो गए हैं। मुनाफा कमाने के लिए स्टॉकिस्ट ने किसानों से खेतों में जाकर सीधा प्याज खरीदना शुरू कर दिया। स्टॉकिस्टों के हवाले होने से आने वाले दिनों में भी प्याज के भावों में सुर्खी बने रहने की संभावना है। वहीं शादी समारोह के आयोजक भी बजट गडबड़ाने की आशंका में अभी से प्याज का स्टॉक करने लगे हैं। गौरतलब है कि शेखावाटी की सबसे बड़ी प्याज मंडी सीकर कृषि उपज मंडी में पिछले दो माह में प्याज के भावों ने छलांग लगाई है।
सीकर जिले में पथरीली मिट्टी वाले क्षेत्रों में अभी भी अच्छा प्याज होने से स्टॉकिस्ट इन क्षेत्रों में अधिक सक्रिय हैं। सीकर के थोक व खुदरा व्यापारियों की मानें तो जिले के लोसल, मण्डा, गुरारा, गुहाला, उदयपुरवाटी, खाटूश्यामजी, पलसाना आदि इलाके में खेतों में प्याज का भरपूर स्टॉक है। हालांकि किसान के खेत में रखा होने से इसे व्यापारी का प्याज सिद्ध करना मुश्किल है। थोक मंडी में इस समय कुचामन, रानोली क्षेत्र का प्याज आ रहा है।
इन राज्यों में पहुंच रहा शेखावाटी का प्याज
नासिक का प्याज इस समय केरल, तमिलनाडू, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश में जा रहा है। राजस्थान का प्याज दिल्ली सहित उतर भारत के राज्यों में पहुंच रहा है। इससे प्याज के भावों में तेजी आ रही है। गुजरात के अहमद नगर में प्याज के थोक व्यापारी घनश्याम पारीक का कहना है कि नासिक में दस दिन से प्याज के भावों में तेजी आ रही है। मंगलवार को नासिक मंडी में प्याज के थोक भाव 1400 से 1500 रुपए प्रति क्विंटल के रहे। भावों में तेजी के कारण इन दिनों में 200 से 250 ट्रक प्याज आ जाता था लेकिन तेजी के कारण स्टॉकिस्ट सक्रिय हो गए और मंडी में प्याज की आवक महज 60 से 70 ट्रक तक रह गई है।
अब अगली फ सल पर नजर
जिले में उत्पादित प्याज नवम्बर माह तक चलता है। इस दौरान स्थानीय स्तर पर नया प्याज नहीं आने से तेजी आती है। सीकर मंडी के थोक व्यापारी नेमीचंद, भंवरलाल ने बताया कि मंडी में इस समय कम गुणवत्ता का प्याज ही ला रहे हैं। अच्छी किस्म के प्याज को स्टॉक कर रहे हैं। इससे आमजन को दीपावली तक महंगा प्याज लेना पड़ेगा।
बरसों बाद मई में तेजी
सीकर जिले में सर्दी के सीजन में बोया गया प्याज मार्च के पहले पखवाड़े तक मंडी में आने लगता है लेकिन इस बार अगेता प्याज होने के कारण किसानों ने करीब 15 दिन पहले ही खुदाई कर मंडी में प्याज लाना शुरू कर दिया। जिससे जिले में बोया गया 65 फीसदी प्याज बिक चुका है अब केवल कुचामन और खाटूश्यामजी क्षेत्र का प्याज ही मंडी में आ रहा है। ऐसे में व्यापारियों को उम्मीद है कि इस बार प्याज का सीजन भी अन्य वर्षों की तुलना में कम चलेगा। इसके अलावा मंडियों में अच्छी किस्म का प्याज आना ही कम हो गया है। गौरतलब है कि शेखावाटी में इस बार प्याज की बुवाई 18 हजार पांच सौ हैक्टेयर में की गई है।

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