झुंझुनूं के डॉ. काजला समेत चार जनों पर मामला दर्ज, जानिए इनका गुनाह

रेस्मा के दौरान झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल के चिकित्सकों पर सरकार के खिलाफ अभद्र भाषा का वीडियो वायरल करने का आरोप।

By: vishwanath saini

Updated: 14 Nov 2017, 10:54 AM IST

रेस्मा के दौरान चिकित्सकों का सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर बड़बोलापन अब भारी पडऩे वाला है। वीडियो वायरल कर सरकार के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर राजकीय बीडीके अस्तपाल में कार्यरत डॉ. नरेन्द्र काजला के अलावा डॉ. पंकज मांजू, डॉ. विजय झाझडिया व डॉ. एम चौधरी के खिलाफ कोतवाली थाने में राजस्थान आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।


जानकारी के मुताबिक 33 सूत्रीय मांगों को लेकर चिकित्सक हड़ताल पर चले गए थे। चेतावनी के बावजूद चिकित्सकों के काम पर नहीं लौटने पर सरकार ने प्रदेशभर में रेस्मा लागू कर प्रशासन व पुलिस को गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। रेस्मा के दौरान सोशल मीडिया पर डॉ. काजला अपने तीन दोस्तों के साथ दिखाई दिए।


जिसमें उन्होंने आईएएस से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही। स्वयं को कराची में होना बताकर पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन अध्यक्ष से वार्ता व अपने पक्ष में करने का दावा किया। वीडियो में एक अन्य चिकित्सक के भी आईएएस से नहीं डरने की बात नहीं कहते हुए बताया गया।


चिकित्सक काम पर लौटे, मरीजों को मिली राहत
झुंझुनूं. सरकार व चिकित्सक संघ के प्रतिनिधि मण्डल के बीच हुई वार्ता के बाद सोमवार को चिकित्सक काम पर लौट आए। चिकित्सकों के काम पर लौटने से मरीज व उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। चिकित्सकों के काम पर लौटने से राजकीय बीडीके अस्पताल में परामर्श के लिए मरीजों की लम्बी लाइनें लगी रही।
चिड़ावा. 33 सूत्री मांगों को लेकर सात दिन तक हड़ताल पर डॉक्टर सोमवार को काम पर लौटे। हड़ताल खत्म होने के बाद राजकीय अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी।

 

डॉक्टरों के पास मरीजों की भीड़ रही। दोपहर होते-होते मौसमी बीमारियों से पीडि़त 12 रोगी भर्ती हुए। करीब 450 रोगियों ने उपचार करवाया। ड्यूटी पर आए डॉ.कैलाश राहड़, डॉ.परमेश्वरलाल, डॉ. रघुवीर मील, डॉ.तरुण जोशी सहित अन्य डॉक्टरों ने रोगियों को देखा। बिसाऊ. सेवारत चिकित्सकों की मांगों पर सरकार के साथ सहमति बनने के बाद सोमवार को जटिया सीएचसी पर डॉक्टर्स ड्यूटी पर लौट आए। जबकि अस्पताल के प्रभारी डॉ वेदप्रकाश शर्मा बीच के दो दिन के अवकाश के अलावा रोजाना ड्यूटी पर रहे, जिससे बिसाऊ सहित निकट के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के लोगों को इलाज करवाने में काफी सुविधा रही।

इनका कहना है...
&सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पूरी तरह से फेक है, चिकित्सकों ने अपनी मांगे सरकार के समक्ष रखी थी। जिसका समाधान का आश्वासन दिया है।
डॉ. नरेन्द्र काजला

vishwanath saini Desk
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