एकता व अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाले दोषी की जांच करेगी साइबर सेल

साइबर सेल-यूएसए रहने वाले के खिलाफ पूर्व कमांडेंट ने सौंपी पुलिस को शिकायत

By: Jogendra

Updated: 02 Mar 2019, 09:19 PM IST

सीकर. पुलिस अधीक्षक के नाम सौंपे गए परिवाद में वीडियो के माध्यम से देश की एकता व अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाले दोषी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। इधर, प्रकरण सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच साइबर सेल को सौंपी है। ताकि दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। परिवाद में नवलगढ़ रोड, चरणसिंह नगर में रहने वाले पूर्व सेवानिवृत कमांडेंट बीएल रैवाड़ का कहना है कि दो मार्च को सोशल मीडिया (यूट्यूब) पर एक वीडियो जारी किया गया था। जिसमें एक व्यक्ति खुद का नाम बता रहा है और वीडियो के माध्यम से यह बताने का प्रयास कर रहा है कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुई सीआइएसएफ जवानों की शहादत सत्ता में बैठे भारतीय नेताओं के षड़यंत्र का हिस्सा थी। जबकि इस तरह का प्रचार-प्रसार करना गलत है। इससे करोड़ों भारतीयों की भावनाएं आहत हो रही होंगी। एेसे में इस वीडियो पर तत्काल रोक लगानी चाहिए। षड़यंत्र में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। क्योंकि सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे इस वीडियो से देश में नागरिक संघर्ष भी हो सकता है और सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ सकता है। विश्व पटल पर भारत की छवि धूमिल हो सकती है तथा नेतृत्व के प्रति घृणा के भाव पैदा हो सकते हैं। फौजी ने समझी पीड़ापरिवादी बीएल रैवाड़ के अनुसार वह खुद सीआइएसएफ में कमांडेंट रह चुके हैं। इसलिए जवानों की शहादत को बखूभी समझते हैं। लेकिन, यूएसए में बैठे इस शख्स द्वारा वीडियो वायरल कर भावनाओं को भड़काया जा रहा है। जो बर्दाश्त के बाहर है। इसके खिलाफ एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। ताकि शहादत को दूसरा रंग नहीं दिया जा सके। बडे़ नेताओं के नाम शोसल मीडिया (यूट्यूब) पर दिखाए जा रहे इस वीडियो में देश के बडे़ नेताओं की आवाज बताई जा रही है। इनमें एक आवाज महिला की है। यह वीडियो पाकिस्तान में भी चैनलों पर दिखाया जा रहा है। परिवादी ने ये वीडियो पुलिस अधीक्षक को भी दिखाए बताए। जिसकी जांच सेल को सौंपी गई है।

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