5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अब ऑनलाइन फ्रॉड को इस तरह से रोकेगी साइबर क्राइम सेल, नई तकनीक का मिलेगा प्रशिक्षण

ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए जिले में जल्द ही साइबर क्राइम सेल का गठन होगा। इसके लिए जयपुर मुख्यालय स्तर पर कवायद शुरू हो गई है।
2 min read
Google source verification
cyber crime cell stop online fraud with new technique sikar

Kiosk operator not giving the amount withdrawn to the account holder

सीकर.

ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए जिले में जल्द ही साइबर क्राइम सेल का गठन होगा। इसके लिए जयपुर मुख्यालय स्तर पर कवायद शुरू हो गई है। सेल में कुछ चुनिंदा पुलिसकर्मियों को शामिल कर उन्हें कम्प्यूटर व साइबर क्राइम से जुड़ी तकनीक का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि प्रदेश में बढ़ रहे ऑनलाइन ठगी के मामलों पर अंकुश लगाया जा सके। इसके लिए साइबर क्राइम सेल की टीम बनाई जाएगी। जो घटना के तुरंत बाद सीखी गई तकनीक के जरिए अपराधी तक पहुंचने में सक्षम होगी। इनमें मोबाइल के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया, वाट्सएप व फेसबुक पर प्रचार कर ठगी के मामले शामिल रहेंगे। सूत्रों का कहना है कि प्रशिक्षण के लिए पुलिस मुख्यालय से ऐसे नाम मांगे जाएंगे। जो कि, इस तरह के अपराध को रोकने के लिए तकनीक में एक्सपर्ट बनने की रुचि रखते हैं।


एटीएम पर हो रहा काम
ऑनलाइन साइबर क्राइम के अलावा अभी एटीएम व मशीन से छेड़छाड़ करने के मामले में एक टीम काम कर रही है। जिसका नोडल अधिकारी शहर कोतवाल महावीर सिंह राठौड़ को बना रखा है।


हो चुके हैं ठगी का शिकार
केस संख्या 1. पिपराली रोड पर रहने वाले युवक हितेष का कहना है कि कुछ दिनों पहले उसके मोबाइल पर मैसेज आया था। जिस पर नौकरी पाने के लिए एक पता दे रखा था और संपर्क नंबर लिखे हुए थे। उन नंबरों पर बात की गई तो एक महिला ने संबंधित पोस्ट के लिए दस्तावेज मेल करने और इसके बाद एक बताए अकाउंट नंबर पर पांच हजार रुपए की राशि जमा कराने के लिए कहा गया था। दस्तावेज मेल करने और संबंधित खाते में राशि जमा कराने के बाद महिला ने अपना मोबाइल नंबर स्वीच ऑफ कर लिया।


केस संख्या 2. धोद के महिपाल के अनुसार उसकी मेल पर भी मैसेज आया था कि 25 हजार रुपए मासिक वेतन पाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए पहले आवेदन कर्ता को एटीएम व आधार संख्या बताकर एक हजार रुपए जमा भी कराने होंगे। संबंधित अकाउंट पर राशि जमा कराने के बाद बताया हुआ संपर्क नंबर स्थाई सेवा में नहीं बताया जा रहा है।