युवती ने यह बात अपने प्रेमी और परिवार के नजदीकी लोगों को बताई। दूसरे दिन दोनों इसकी शिकायत करने धोद थाने पहुंचे तो वहां हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मियों ने मामले को 'ले-देकरÓ निपटाने के लिए पंचायती बैठाई। इस पर युवती के भाई और भाभी भी वहां आ गए। सूत्रों का कहना है थाने के पुलिस अधिकारियों ने युवती को मामला दर्ज नहीं करवाने के लिए राजी कर लिया, लेकिन यह राजीनामा प्रेमी को नागवार लगा। वह तीन सितम्बर को युवती के साथ एसपी के समक्ष पेश हुआ। यहां पर दिए गए परिवाद में चौकी प्रभारी हैडकांस्टेबल सुभाष कुमार पर छेड़छाड़ और चौकी में बलात्कार का आरोप लगाया। एसपी ने जांच के लिए परिवाद पुलिस उप अधीक्षक ग्रामीण राजेश आर्य को सौंप दिया। पुलिस ने रविवार शाम तक चौकी में हुए बलात्कार का मामला दर्ज करना तो दूर पीडि़ता का मेडिकल और बयान भी नहीं लिए।