सह आचार्य का चार साल में छह स्थानों पर पदस्थापन, अब एपीओ

सह आचार्य का चार साल में छह स्थानों पर पदस्थापन, अब एपीओ

Bharat kumar prajapat | Publish: Sep, 05 2018 10:09:39 AM (IST) Sirohi, Rajasthan, India

शिक्षा अधिकारी ने लगाया प्रताडऩा का आरोप

सिरोही. प्रदेश में कॉलेज शिक्षा के तहत स्थानान्तरण की नीति नहीं होने से कॉलेज शिक्षा सेवा के अधिकारियों को परेशान होना पड़ रहा है। जिस मनमाने तरीके से तबादले और संशोधन के फरमान जारी हो रहे हैं, उसका नमूना यह है कि एक कॉलेज सह आचार्य को पिछले तीन-चार महीनों में तीन बार अलग-अलग जगह भेज दिया गया। जबकि, इनके पास एनसीसी अधिकारी का प्रभार है। ऐसे में एनसीसी के प्रभार वाले अधिकारी को एनसीसी वाले स्थान पर ही पदस्थापित किया जा सकता है। लेकिन इसको लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दरअसल, राजस्थान शिक्षा सेवा (महाविद्यालय शाखा) के अधिकारी व राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिरोही में बतौर सह आचार्य हिन्दी के पद पर कार्यरत भगवानाराम बिश्नोईका आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा जयपुर की ओर से पिछले चार साल में छह बार तबादला किया जा चुका है। हाल यह है कि इनको दो बार एपीओ भी किया जा चुका है। इस साल जून में बिश्नोई को सिरोही कॉलेज से नव स्वीकृत रानीवाड़ा कॉलेज में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया। इसके बाद अगस्त में फिर से सिरोही कॉलेज भेजने का फरमान जारी कर दिया गया। वहीं अब एपीओ कर सहायक निदेशक क्षेत्रीय कार्यालय कॉलेज शिक्षा कोटा में उपस्थिति देने का ऑर्डर थमा दिया गया है।

इन स्थानों पर किया गया पदस्थापन
प्रदेश में सरकार बदलते ही सह आचार्य बिश्नोई को एपीओ कर जोधपुर में उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए। इसके बाद उनका तबादला राजगढ़ (चूरू) कर दिया। वहां से आबूरोड कॉलेज में पदस्थापन किया गया और कुछ समय बाद सुमेरपुर भेज दिया गया। इसके बाद वापस सिरोही कॉलेज में पदस्थापन किया गया। यहां से रानीवाड़ा कॉलेज में प्रतिनियुक्ति की गई। इसके बाद फिर सिरोही कॉलेज में लगाया गया। लेकिन 4 सितम्बर को एक आदेश जारी कर सहायक निदेशक क्षेत्रीय कार्यालय कॉलेज शिक्षा कोटा में उपस्थिति देने के निर्देश दे दिए।

एनसीसी अधिकारी को लेकर ये हैं निर्देश
कॉलेज-स्कूलों में एनसीसी प्रशिक्षित अधिकारी के स्थानान्तरण को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए हुए हैं। एनसीसी अधिकारी के स्थानान्तरण करते समय एनसीसी यूनिट वाले स्कूल-कॉलेज में ही पदस्थापन करने का प्रावधान किया हुआ है।

इनका कहना है...
&सरकार की ओर से चार साल में छह बार अलग-अलग स्थानों पर पदस्थापन किया जा चुका है। इस समयावधि में दो बार एपीओ किया जा चुका है। ऐसे में सरकार की ओर से बार-बार स्थानान्तरण कर प्रताडि़त किया जा रहा है।

भगवानाराम बिश्नोई, सह आचार्य, कॉलेज शिक्षा
&कॉलेज में एनसीसी व हिन्दी विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे शिक्षा अधिकारी का बार-बार तबादला किया जा रहा है, जो गलत है। इससे जाहिर है कि अधिकारी का मानसिक व शारीरिक रूप से उत्पीडऩ किया जा रहा है। इसको लेकर प्रशासन के स्तर पर मुद्दा उठाया जाएगा।
संयम लोढा, पूर्व विधायक, सिरोही

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