
आबूरोड। अयोध्या से रामेश्वर तक श्रीराम के वनगमन मार्ग पर श्रीराम स्तंभ लगाए जाएंगे। करीब 2500 किलोमीटर लंबे वनगमन मार्ग पर 290 स्थानों को चिह्नित किया गया है। इन स्थानों पर श्रीराम स्तंभ से इन स्थानों की महिमा बताई जाएगी।
इन स्तंभों को आबूरोड में आकार दिया जा रहा है। पहला स्तंभ आबू रोड से अयोध्या के लिए रवाना हो गया है। यह रविवार को अयोध्या के कारसेवकपुरम पहुंच जाएगा।
स्तंभ पर कलाकृतियों के साथ रामायण के श्लोक होंगे। इसका हिंदी और अंग्रेजी सहित 4 भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा। स्थान का नाम, संदर्भ, भौगोलिक महत्व भी अंकित होगा। सैंड स्टोन से निर्मित पहला स्तंभ अयोध्या में मणिपर्वत पर स्थापित होगा।
राम जन्मभूमि आंदोलन के शहीदों की लगेंगी मूर्तियां
राम नगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर लगभग तैयार हो चुका है। राम मंदिर निर्माण की इस यात्रा में कई भक्तों ने बलिदान दिया है। पांच सौ सालों तक चले मंदिर आंदोलन में जिन रामभक्तों ने अपनी जान गंवाई है, उन्हें पहली बार सरयू तट पर श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पितृ पक्ष में 11 दिवसीय अनुष्ठान की तैयारी कर रहा है। इसकी शुरूआत 3 अक्टूबर को नवाह पारायण के साथ होगा।
यह योजना काशी के प्रसिद्ध विद्वान लक्ष्मीकांत द्विवेदी के सुझाव पर तैयार की गयी है। उन्होंने सुझाव दिया है कि मंदिर का उद्घाटन जनवरी में होना है, ऐसे में मंदिर निर्माण के लिए जिन्होंने अपना सबकुछ त्याग दिया उन्हें नमन किया जाना चाहिए। उनका आशीर्वाद व कृपा लेने के लिए यह अनुष्ठान होगा। पितृपक्ष में इन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।
Updated on:
01 Oct 2023 11:43 am
Published on:
01 Oct 2023 11:43 am
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