स्वेच्छा से बंद रहे बाजार, रैली निकाली, ज्ञापन दिया

स्वेच्छा से बंद रहे बाजार, रैली निकाली, ज्ञापन दिया

Mahesh Parbat | Publish: Sep, 07 2018 09:44:33 AM (IST) Sirohi, Rajasthan, India

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सवर्ण वर्ग के संगठनों की ओर से भारत बंद के आह्वान का जिले में असर व्यापक रूप से देखने को मिला। सुबह से ही बाजार बंद रहे।

सिरोही. एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सवर्ण वर्ग के संगठनों की ओर से भारत बंद के आह्वान का जिले में असर व्यापक रूप से देखने को मिला। सुबह से ही बाजार बंद रहे। हालांकि कहीं भी कोई अप्रिय घटना देखने को नहीं मिली। जिले के व्यापारियों ने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद कर समर्थन दिया। शहर में ऐसा पहली बार देखने को मिला। बंद करवाने को टोलियां भी नहीं निकलीं। शाम चार बजे बाद बाजार खुल गए।
जिला मुख्यालय पर दवाई की दुकानों को छोडक़र सभी व्यापार बंद था। सरजावाव दरवाजे के बाहर मजदूर भी नहीं आए। शहर में सवेरे लोगों को दुकानों एवं मकानों के निर्माण कार्य के लिए मजदूर नहीं मिले।
तैनात रही पुलिस
बंद को लेकर शहर के विभिन्न स्थानों पर पुलिस जाप्ता तैनात रहा। सरजावाव दरवाजे के बाहर वज्र वाहन भी खड़ा था। पैलेस रोड, सदर बाजार एवं बस स्टैण्ड पर पुलिस तैनात रही।
ठेले भी नहीं लगे
पैलेस रोड, सदर बाजार, सिनेमा मार्ग से बस स्टैण्ड तक रास्ता खुला नजर आया। ठेले तक नदारद थे। सडक़ पर सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों को निराश लौटना पड़ा। हाईवे से सटी कई होटल भी बंद रहे।
मांगूसिंह देवड़ा के नेतृत्व में युवाओं ने अहिंसा सर्किल पर एकत्र होकर काले कानून से जनरल एवं ओबीसी को होने वाले नुकसान ग्रामीणों को बताने का निर्णय किया। इस दौरान मेजरसिंह देवड़ा, अरविंदसिंह चारण, कुलदीप प्रजापत, अनिल कुमार, हनुमानसिंह, नरपत पुरोहित आदि मौजूद थे।
पिण्डवाड़ा. उपखण्ड क्षेत्र समेत आस-पास के सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। फल-सब्जी की लारी भी बंद रहीं। आमजन को रोजमर्रा के सामान के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। करणी सेना एवं व्यापार मण्डल ने ज्ञापन दिया। करणी सेना नगर अध्यक्ष गोविन्द सिंह डाबी, जिला अध्यक्ष गोविन्द सिंह राणावत, व्यापार मण्डल के नारायण टांक आदि मौजूद थे। सभी अधिवक्ताओं ने न्यायालय में कार्य बहिष्कार किया। वकील मंडल अध्यक्ष अल्पेश ओझा के नेतृत्व में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। अल्पेश आढ़ा, गुलाब नारायण वैष्णव, सुरेन्द्रसिंह देवड़ा, श्रवणसिंह, दिलीपसिंह, विक्रमसिंह, अशोक शर्मा व शंकर देवासी मौजूद थे।
नया सानवाड़ा. दुकानदारों ने सुबह से ही दुकान नहीं खोलीं। वीरवाड़ा में भी दुकानें बंद रहीं।
सिलदर. कस्बे के सैकड़ों ग्रामीणों व व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखकर रैली निकाली। काला कानून बंद करने के लिए भारत माता के नारे भी लगाए। रामरसोड़ा प्रांगण में स्वर्ण व ओबीसी वर्ग के लोगों ने पटवारी रवेशीदान को ज्ञापन दिया। बाबूलाल पुरोहित, सुरेशभाई माली, वेलचन्द सोनी, केराराम चौधरी, रमेश पुरोहित, भबुतमल पुरोहित एवं रणजीतसिंह पुरोहित मौजूद थे। सिरोडक़ी, आमलारी, मेरमंडवाड़ा, सनपुर, सियाकरा तथा पुनावा में भी प्रतिष्ठान बंद रहे।
पोसालिया.भारत बंद आह्वान के तहत बाजार बंद रहा। व्यापारियों ने स्वैच्छा से प्रतिष्ठान बंद रखे।
कालन्द्री. कस्बा सम्पूर्ण बंद रहा। व्यापार संघ के साथ सर्व समाज एकता मंच के लोगों ने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। प्रात: राजकीय चिकित्सालय के पास बाबा रामदेव यात्री प्रतीक्षालय में संघ के अध्यक्ष कमलेश पुरोहित की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें संशोधित एससी-एसटी एक्ट को वापस लेने की मांग करते हुए मानवाधिकार का हनन बताया। संघ के सचिव अर्जुनसिंह दहिया, दिलीप नागर, शिवसेना तहसील प्रमुख रामलाल माली, भंवर माली आदि ने सम्बोधित किया। बाबा रामदेव मंदिर अस्पताल चौराहा से लोग नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड, स्वामी विवेकानंद चौराहा, वलदरा रोड होकर जुलूस के रूप में उप तहसील कार्यालय पहुंचे, वहां नायब तहसीलदार शंकरलाल मीणा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। भरत जैन, सोहनलाल माली, दिलीपसिंह राठौड़, किशन देवासी, मगनलाल घांची, सवाराम प्रजापत, अशोक पुरोहित, कृष्णगोपाल पुरोहित, जीतू खण्डेलवाल, रमेश सैन, धोकसिंह परमार, रमेश घांची, दिनेश घांची, मंगलसिंह चारण, मनोहरसिंह चारण, हितेश प्रजापत, प्रवीण सुथार, भरतसिंह, मीठालाल पुरोहित, मीठालाल घांची मौजूद थे।कलक्ट्रेट में भी असर
भारत बंद के आह्वान का असर कलक्ट्रेट में भी दिखा। वकील और टाइपराइटर वाले भी नहीं आए। दिनभर टाइपराइटर मशीन कपड़े में बंद रहीं। कई फरियादियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यहां कैंटीन तक बंद रही। इससे अधिकारियों तथा अन्य को चाय तक नहीं मिल पाई।

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