दर्दनाक हादसा: हाईटेंशन लाइन से दो लोग जिंदा जले

दर्दनाक हादसा: हाईटेंशन लाइन से दो लोग जिंदा जले
Two people killed alive in Sitapur

Shatrudhan Gupta | Updated: 13 Dec 2017, 06:55:05 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

नाराज लोगों ने घटना के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया।

सीतापुर. बिजली विभाग की लापरवाही ने दो घरों में अंधेरा कर दिया। दरअसल, सड़क पर गिरे हाईटेंशन तार की चपेट में आकर दो युवकों की सीतापुर में दर्दनाक मौत हो गई। साथ में मौजूद बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई। बताया जाता है कि बिजली तार की चपेट में आने से किसान की 10 बीघे गन्ने की फसल भी जल कर खाक हो गई। सूचना पर थाना पुलिस सहित विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। नाराज लोगों ने घटना के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना था कि बिजली के हाईटेंशन लाइन को लेकर कई बार बिजली विभाग को सूचित किया गया, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर जानकारी लेने नहीं पहुंचा।

दृश्य देख ग्रामीणों को रोंगटे खड़े हो गए

जानकारी के मुताबिक हरदोई जनपद के थाना हरयावां के गांव देवरिया शाहपुर निवासी छेदीलाल अपने भतीजे प्रमोद पुत्र चंदर (22), गोलू (३), पुत्र सुनील व परिवार की ही बच्ची प्रियांशी के साथ पिसावां थानाक्षेत्र के गांव छोटी हरनी स्थित रिश्तेदारी में आए थे। मंगलवार दोपहर लगभग दो बजे वापस जाते समय गांव ढखिया कला के पास हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर उनकी बाइक पर गिर गया। हाईटेंशन तार गिरते ही बाइक सवार धू-धूकर जलने लगे। प्रमोद और गोलू की मौके पर ही मौत हो गई। मोटर साइकिल से छिटक कर दूर जा गिरे छेदीलाल और प्रियांशी गंभीर रूप से घायल हो गई। तार गिरने की जानकारी पर आसपास के गांवों के ग्रामीण मौके पर जुट गए। यह दर्दनाक हादसा देख ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए।

बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा

ग्रामीणों ने आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। वहीं, बिजली विभाग के जिम्मेदारों के फोन बंद होने के चलते विद्युत आपूर्ति देर तक चालू रही, जिससे किसानों की फसल भी जल कर राख हो गई। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष पिसावां जयशंकर सिंह ने मृतकों के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया जाता है कि घटना के एक घंटे बाद तक बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। घटना से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन को लेकर कई बार बिजली विभाग को अफसरों को सूचित किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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