सोनभद्र में फिर हो सकता है उम्भा जैसा हादसा, 74 बीघे जमीन पर अचानक कब्जे के बाद मचा हड़कंप

सोनभद्र में फिर हो सकता है उम्भा जैसा हादसा, 74 बीघे जमीन पर अचानक कब्जे के बाद मचा हड़कंप
Sonbhadra Violence

Sarweshwari Mishra | Updated: 26 Jul 2019, 10:27:32 AM (IST) Sonbhadra, Sonbhadra, Uttar Pradesh, India

उभ्भा गांव से महज कुछ किलोमीटर दूरी पर इस तरह की सूचना से हड़कम्प मचा हुआ है

सोनभद्र. यूपी के सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र के उभ्भा गांव के बाद अब मर्सड़ा गांव में जमीनी विवाद को लेकर हड़कंप मच गया। 74 बीघे जमीन पर अचानक ग्रामीणों ने कब्जा कर लिया। उभ्भा गांव से महज कुछ किलोमीटर दूरी पर इस तरह की सूचना से हड़कम्प मचा हुआ है। अभी हाल ही में जमीनी विवाद में 10 लोगों की जान चली गई थी। वही इस तरह की घटना रातों-रात 74 बीघा जमीन पर ग्रामीणों के द्वारा झोपड़ी लगाने के बाद जिला प्रशासन का हाथ पांव फूल गया। तत्काल मौके पर पहुंची प्रशासन ने तत्काल ग्राम प्रधान अजय कुमार को घोरावल कस्बा पुलिस चौकी पर उठा लाई। जिससे नाराज ग्रामीण भी चौकी घेर लिए। हंगामा बढ़ता देख मौके पर जिलाधिकारी और एसपी भी पहुंच गए दोनों अधिकारियों ने किसी तरह ग्रामीणों को समझा बुझाकर वापस भेजा और ग्राम प्रधान को छोड़ा पर लगभग 40 लोगों पर 107, 16 का मुकदमा दर्ज कर लिया।

 


दरअसल, ग्रामीणों का कहना है कि हम लोग इस जमीन पर मुकदमा दायर किये हैं और केस लड़ रहे है। लगभग 10 सालों से जमीन पड़ी है पर देवानंद पाठक अचानक सीलिंग की जमीन पर अपना कब्जा बता रहे हैं जबकि ये जमीन सीलिंग में है। उम्भा गांव की घटना के बाद से इस तरह की घटनाएं बढ़ने के मद्देनजर जिला प्रशासन भी सचेत है जैसे ही इस घटना की सूचना जिला प्रशासन को लगी तत्काल भारी फोर्स के साथ मौके पर आला अधिकारियों के पहुंचने के बाद ग्रामीणों मढाहा ने वापस हटाने को राजी हुए पर संघर्ष की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
वहीं ग्राम प्रधान का कहना है इस घटना से मेरा कोई लेना देना नहीं है पर जबरदस्ती घोरावल पुलिस हमें उठा ले गई। मेरे खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर दी जबकि ग्रामीण अपनी स्वेच्छा से जाकर वहां पर झोपड़ी लगाए थे। 74 बीघा जमीन पर मुकदमा चल रहा है और हाईकोर्ट ने स्टे ऑर्डर इस पर दे रखा है यह जमीन सीलिंग की है पर पाठक जी इस जमीन को अपना बता रहे हैं। जबकि 10 वर्षों से इस जमीन पर कोई खेती नहीं हो रही थी मेरे पास इस जमीन के कागजात हैं यह जमीन राज्य सरकार की है।

 



वहीं सोनभद्र एसपी सलमान ताज पाटिल ने बताया कि मर्सड़ा गांव में अचानक कुछ लोगों के द्वारा 74 बीघा जमीन पर रातों-रात झोपड़ी लगा ली गई थी कानून व्यवस्था को कायम करने के लिए तत्काल हम लोग मौके पर पहुंचे लगभग झोपड़िया हटा दी गई हैं और किसी भी प्रकार का कोई कानून व्यवस्था खराब होने की संभावना नहीं है। हालांकि जिलाधिकारी ने बताया कि मामला संज्ञान में है और स्थिति सामान्य है हम जांच कर रहे है जो तथ्य सामने आएंगे कार्यवाही की जाएगी
वहीं देवानंद पाठक ने बताया कि इस जमीन पर मेरा कब्जा है और यह जमीन मेरे माता जी के नाम से खतौनी में दर्ज है। मेरे माता जी के मरने के बाद इस जमीन का मालिकाना हक हम दो भाइयों के पास है पर ग्रामीणों ने अचानक इस पर मुकदमा दायर कर दिया। पहले हम इस जमीन का मामला हाई कोर्ट में लड़ रहे हैं हाई कोर्ट ने मेरे पक्ष में फैसला देते हुए यथा स्थिति बरकरार रखने का ऑर्डर दिया है।

BY- Santosh Jaiswal

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