मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब की ये बड़ी घोषणा—100 करोड़ खर्च होंगे पर्यटन के विकास पर

100 करोड में बदलेगी प्रदेश में पर्यटन की तस्वीर
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप पर्यटन विकास कोष के गठन की तैयारियां
कोष के तहत पर्यटक स्थलों का विकास,पहुंच,प्रचार और मार्केटिंग पर किया जाएगा फोकस
वित्त विभाग कर रहा है पयर्टन विभाग की ओर से भेजे प्रस्ताव का परीक्षण

By: PUNEET SHARMA

Updated: 05 Aug 2020, 08:43 AM IST


जयपुर।
आने वाले दिनों में प्रदेश के पर्यटन स्थलों की तस्वीर पूरे देश में अलग होगी। प्रदेश के पर्यटन स्थलों की तस्वीर बदलने के लिए सरकार 100 करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारियां कर रही है। इसके लिए पर्यटन विभाग से लेकर वित्त विभाग में इन दिनों गतिविदियां तेजी से चल रही हैं। 100 करोड रुपए के पर्यटन विकास कोष के गठन के बाद पर्यटन विभाग प्रदेश के पर्यटक स्थलों का विकास, पर्यटकों की पहुंच, माकेर्टिंग और फेयर फेस्टीवल जैसी गतिविधियों पर प्रमुखता से फोकस करेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा के बाद अब वित्त विभाग इस कोष के गठन को लेकर तमाम पहलूओं का परीक्षण कर रहा है।
इन पहलूओं पर होगा विशेष फोकस
पयर्टक स्थलों का विकास
पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसा नहीं है कि राजस्थान में कुछ चुनिंदा पयर्टक स्थल हैं। हर जिलो में एक न एक पयर्टक स्थल है। लेकिन इन पयर्टक स्थलों का आज तक विकास नहीं हुआ है और ये अपेक्षित है। कोष से इन अपेक्षित पर्यटक स्थलों का विकास किया जाएगा। पुरा महत्व के पर्यटक स्थलों पर विशेष फोकस किया जाएगा।
पहुंच को आसान बनाना
प्रदेश में कई पर्यटक स्थल ऐसे हैं जो बेहद ही खूबसूरत और रमणीय हैं। लेकिन वहां तक पहुंचना पयर्टकों के लिए बेहद ही कठिन है। क्योंकि वहां पहुंचने के लिए कोई परिवहन व्यवस्था नहीं है और अगर परिवहन व्यवस्था है तो फिर वहां रास्ते ऐसे हैं कि पयर्टक वहां जाने में कतराते हैं। पयर्टन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आज कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। ऐसे पयर्टक स्थलों को चिन्हित किया जाएगा जहां पयर्टकों को पहुंचने में परेशानी होती है।
कच्छ की तर्ज पर फेयर—फेस्टीवल होंगे शुरू
नए पयर्टन विकास कोष के तहत गुजरात के कच्छ की तर्ज पर क्षेत्र विशेष के स्थानीय फेयर—फेस्टीवल शुरू किए जाएंगे। जयपुर के पास सांभर तेजी से नए पयर्टक स्थल के तौर पर उभर रहा है। जिससे पयर्टक स्थानीय मेले और तीज त्यौहारों में शामिल होने के लिए इन पयर्टक स्थलों पर कुछ दिन रूकें।
धुआंधार प्रचार की तैयारी
पयर्टन विकास कोष से प्रदेश के पयर्टक स्थलों के प्रचार की मजबूत रणनीति बनाई जाएगी। इसके लिए राजस्थान और अन्य राज्यों में राजस्थान के पयर्टक स्थलों के प्रचार के लिए कैंपेन किया जाएगा। विभाग प्रचार एजेंसियों की सहायता भी लेगा जिससे प्रचार के जरिए राजस्थान में पयर्टकों को लाया जा सके।
वित्त विभाग कर रहा है परीक्षण
मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के बाद पयर्टन विभाग ने 100 करोड़ के पयर्टन विकास कोष के गठन का प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भिजवाया था। वित्त विभाग ने प्रस्ताव को लौटते हुए टयूर व ट्रेवल आॅपरेटर्स से वार्ता के साथ उनके सुझाव प्रस्ताव में शामिल कर भेजने के निर्देश दिए। पयर्टन विभाग ने यह कवायद कर प्रस्ताव को वित्त विभाग भेज दिया है। अब वित्त विभाग इसका परीक्षण कर मुख्यमंत्री मंजूरी के लिए भेजेगा।

PUNEET SHARMA Reporting
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