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दुनियाभर की हर दो में से एक महिला वैज्ञानिक कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न का शिकार

पीड़ित महिला शोधकर्ताओं में पांच में से केवल एक ने ही अपने संस्थान से इसकी शिकायत की।

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जयपुर

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Kiran Kaur

Mar 18, 2023

दुनियाभर की हर दो में से एक महिला वैज्ञानिक कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न का शिकार

दुनियाभर की हर दो में से एक महिला वैज्ञानिक कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न का शिकार

पेरिस। दुनियाभर की लगभग हर दो में से एक महिला वैज्ञानिक कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न का शिकार हुई है। यह तथ्य हाल ही जारी रिपोर्ट में सामने आया है। मार्केट रिसर्च कंपनी इप्सोस के सर्वेक्षण में 117 देशों के 5,000 से अधिक महिला और पुरुष वैज्ञानिक शामिल थे। 49 प्रतिशत महिला वैज्ञानिकों ने कहा कि उन्होंने अपने कॅरियर के दौरान व्यक्तिगत रूप से कम से कम एक बार यौन वैज्ञानिक का सामना किया है।

अपमान का भी करना पड़ता है सामना: सर्वे में दुनियाभर के 50 से अधिक सार्वजनिक और निजी संस्थानों में काम कर रहे विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्रों से जुड़े शोधकर्ता शामिल थे। रिपोर्ट में पाया गया कि एक या अधिक बार यौन उत्पीड़न के कारण 65 प्रतिशत महिला वैज्ञानिकों के कॅरियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। साथ ही उनके आत्मविश्वास में भी कमी आई है। हालांकि पीड़ित महिला शोधकर्ताओं में पांच में से केवल एक ने ही अपने संस्थान से इसकी शिकायत की। 25 फीसदी महिला वैज्ञानिकों ने बताया कि वे ऐसी स्थिति में थीं जहां कोई उन्हें अनुचित रूप से बार-बार संदर्भित या अपमानित कर रहा था।

कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस करती हैं महिलाएं: यौन उत्पीड़न युवा महिला वैज्ञानिकों को ज्यादा प्रभावित करता है, खासतौर से कॅरियर के शुरुआती दिनों में। लगभग आधी महिला वैज्ञानिक अपने संगठनों में कुछ साथी कर्मचारियों से बचती हैं, जबकि 25% कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस करती हैं। 65 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए जा रहे हैं।

प्रभावी, पारदर्शी रिपोर्टिंग प्रणाली की जरूरत: सर्वेक्षण में शामिल पुरुष और महिला शोधकर्ताओं में से 86 फीसदी ने स्वीकारा कि उन्होंने कार्यस्थल पर यौन दुर्व्यवहार होते हुए देखा है लेकिन सिर्फ 56 फीसदी ने ही इसकी निंदा की। जबकि नकारात्मक प्रभाव या प्रतिशोध के डर से शेष ने इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाई। ये परिस्थितियां महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में आने से रोकेंगी। इसलिए अनुसंधान के क्षेत्र में महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए उन्हें कार्यस्थल पर सुरक्षित महसूस कराना होगा। इसके लिए कार्यस्थलों पर प्रभावी और पारदर्शी आंतरिक रिपोर्टिंग प्रणाली की आवश्यकता है।