8 साल के भारतीय छात्र आडवे ने की मार्क जुकरबर्ग और लैरी पेज की बराबरी

जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की 'मेधावी छात्र' सूची 'ब्राइटेस्ट स्टूडेंट्स इन द वर्ल्ड' में शामिल होकर किया सबको हैरान

By: Mohmad Imran

Updated: 06 Feb 2021, 01:29 PM IST

आठ वर्षीय भारतीय मूल के अमरीकी छात्र आडवे मिश्रा ने जॉन्स हॉपकिंस सेंटर फॉर टैलेंटेड यूथ (CTY) के 'दुनिया के 1400 सबसे प्रतिभाशाली छात्रों' की सूची में स्थान पाया है। न्यूयॉर्क निवासी आडवे का नाम इस सूची में आना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग, (facebook founder marc zukerberg) गूगल के संस्थापक लैरी पेज (google co-founder larry page) भी सहित रोड्स स्कॉलर्स और मैकआर्थर फैलो के पूर्व छात्र भी इस सूची का हिस्सा रह चुके हैं। आडवे ने 15 हजार बच्चों के साथ सीटीवाय टैलेंट सर्च प्रोग्राम के अंतर्गत 'सैट-एक्ट' (SAT, ACT) परीक्षा में असाधारण प्रदर्शन करते हुए इस सूची में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं।

क्या है सीटीवाय परीक्षा
'CTY' एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभा पहचान परीक्षा है जिसमें सैट के तहत 154 सामान्य ज्ञान और विज्ञान-गणित से सवाल पूछे जाते हें जबकि एक्ट के अंतर्गत 35 मिनट का रीडिंग टैस्ट, 45 मिनट्स का अंग्रेजी के ज्ञान को परखने के लिए परीक्षा, 60 मिनट की गणित परीक्षा, और 35 मिनट की साइंस की परीक्षा पास करनी होती है। टेस्ट स्कोर उपरोक्त ग्रेड स्तर के परीक्षण पर आधारित थे। एक साक्षात्कार में आडवे ने बताया कि मौखिक परीक्षा ज्यादा मुश्किल थी लेकिन गणित का हिस्सा उतना कठिन नहीं था। मैंने जॉन्स हॉपकिन्स के इस टैलेंट सर्च प्रोग्राम के लिए कुछ अभ्यास परीक्षाएं घर पर ही कीं लेकिन बहुत तैयारी नहीं करनी पड़ी। आडवे इस सफनता के लिए अपनी मां को क्रेडिट देते हैं जिन्होंने उसकी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारियों में खूब मदद की है।

70 देशों के छात्रों ने लिया हिस्सा
इस टैलेंट सर्च परीक्षा में अमरीका, यूरोप के अलावा 70 से ज्यादा देशों के सेकंड ग्रेड से 8 ग्रेड तक के 15 हजार छात्रों ने हिस्सा लिया था जो 12 महीने तक चलने के बाद जून 2020 में पूरा हुआ है। इस परीक्षा में करीब 1400 बच्चे उत्तीर्ण हुए थे जिनमें टॉप 9 फीसदी बच्चों में आडवे भी शामिल थे। इनमें से 160 परीक्षार्थी 13 साल के थे जिन्होंने 700 या उससे ज्यादा का स्कोर किया था।

ऐसे शुरू हुई थी यह परीक्षा
हॉपकिंस की सीटीवाय साइट (Hopkins CTY site) के अनुसार, इस सेंटर की नींव 70 के दशक के उत्तरार्ध में पड़ी जब बाल्टीमोर के एक सातवीं कक्षा के लड़के ने गणित के पाठ्यक्रमों के सभी सवालों को हलकर लोगों को हैरानी में डाल दिया था। इस असाधारण प्रतिभा के चलते मात्र 13 साल की उम्र में उसे जॉन्स हॉपकिंस में मनोविज्ञान का प्रोफेसर बनाया गया था। तब से हॉपकिंस विश्वविद्यालय ने सेकंड ग्रेड से 8 ग्रेट तक के स्तर के पाठ्यक्रम तैयार किए जो दुनिया भर के प्रतिभाशाली छात्रों को चुनौती देने और सर्वश्रेष्ठ को चुनने का काम करता है।

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