Ertugrul Ghazi : कश्मीर में क्यों पसंद की जा रही तुर्क लड़ाके पर बनी वेब सीरीज

-वेब सीरीज इतनी लोकप्रिय हुई कि तुर्क योद्धा से प्रेरित होकर कई माता-पिता ने अपने नवजात बच्चों का नाम तक अर्तुरुल रख लिया।
-तुर्की की वेब सीरीज दिरिलिस : अर्तुरुल गाजी (Turki's web series Dirilis: Arturul Ghazi)

By: pushpesh

Updated: 31 Mar 2021, 01:45 PM IST

तुर्की की वेब सीरीज दिरिलिस : अर्तुरुल कुछ महीनों में ही कश्मीरियों की पहली पसंद बन गई। ये ड्रामा शो 13वीं सदी के तुर्क योद्धा अर्तुरुल गाजी के जीवन पर आधारित है। इस सीरीज को पसंद करने के पीछे दो बातें खास हैं। एक तो इस कहानी के पीछे ओटोमन साम्राज्य को समझना, जिसके बारे में कहा जाता है कि न्याय, स्वतंत्रता, शांति और एकता की बुनियाद पर टिका था। दूसरा इस दौर की कला, संस्कृति और सामाजिक संरचना से खुद को जोडकऱ देखना। इस नाटक में दिखाई गई वेशभूषा घुमंतू कश्मीरी गुर्जर समुदाय और उनकी आदिवासी संस्कृति से मेल खाती है। जम्मू-कश्मीर में लगभग 28 लाख गुर्जर रहते हैं, जो घाटी का तीसरा सबसे बड़ा जातीय समूह है। इसके अलावा अर्तुरुल की कई जनजाति और कश्मीर के आदिवासी गुर्जर समुदाय के बीच कई सांस्कृतिक समानताएं भी हैं, जैसे भारी गहने, जीवन शैली और पहनावा।

कौन था अर्तुरुल गाजी
यह टीवी सीरीज ‘ओटोमन एम्पायर’ यानी ‘उस्मानिया सल्तनत’ के उभरने की कहानी है। 13वीं शताब्दी में काई जनजाति के तुर्क लड़ाके अर्तुरुल ने ईसाई बाइजेंटाइन (पूर्वी रोमन साम्राज्य) और अन्य रियासतों को जीतकर उस्मानिया के खलीफा और तुर्क साम्राज्य की स्थापना की। केंद्रीय भूमिका में अर्तुरुल ही है, जो ओटोमन रियासत के संस्थापक उस्मान के पिता थे।

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