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Independence day 2021: ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन की वजह से इस वर्ष दोगुनी हो गई तिरंगे की डिमांड

Independence day 2021: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस बार लाल किले के साथ घरों और इमारतों पर भी तिरंगे की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार,ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय ध्वज की मांग दोगुनी हो गई है।
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नई दिल्ली

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Mahendra Yadav

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Updated: 15 Aug 2021, 6:33 AM IST

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Independence day 2021: टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस ओलंपिक में भारत ने 7 मेडल जीते, जो ओलंपिक में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। टोक्यो ओलंपिक में भारत के इस बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से इस बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे की मांग दोगुना तक बढ़ गई है। एबीपी न्यूज के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस बार लाल किले के साथ घरों और इमारतों पर भी तिरंगे की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय ध्वज की मांग को पूरा करने के लिए दक्षिण कोलकाता कारखानों में दिन रात काम हो रहा है। वहीं इस बार छोटे झंडों के ऑर्डर कम हैं। ऐसा स्कूलों के बंद होने की वजह से है।

16 अगस्त को 'खेला होबे दिवस'
एबीपी की रिपोर्ट के अनुसार, देश में सिले हुए झंडे सबसे ज्यादा बंगाल में ही बनते हैं और बड़ा बाजार से सप्लाई होते हैं। वहीं इस वर्ष बंगाल में 16 अगस्त से खेला होबे दिवस होगा। इसकी वजह से भी तिरंगे के काफी ऑर्डर दिए गए हैं। वहीं इसके अलावा भारत की आजादी के 75वें वर्ष की वजह से भी राष्ट्रीय ध्वज की डिमांड में काफी वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, बड़ा बाजार के एक विक्रेता का कहना है कि इस वर्ष राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री बढ़ गई है, क्योंकि देश में स्वतंत्रता का 75वां वर्ष मनाया जा रहा है और देश ने ओलंपिक में भी स्वर्ण पदक जीता है।

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राजनीतिक पार्टियों ने भी दिए भरपूर ऑर्डर
रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल के एक विक्रेता ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री बढ़ने के कारण आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अलावा 16 अगस्त को होने वाला खेला होबे दिवस भी है। विक्रेमा का कहना है कि राजनीतिक पार्टियां सीपीआईएम, कांग्रेस, बीजेपी, टीएमसी हर कोई झंडे खरीद रहा है। ऐसे में इस बार इनकी बिक्री बढ़ गई है। वहीं पिछले वर्ष लॉकडाउन की वजह से झंडों की बिक्री नहीं हो पाई थी, लेकिन इस बार लॉकडाउन में छूट मिलने के कारण इनकी बिक्री बढ़ी है।

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महंगे हुए झंडे
वहीं इस वर्ष झंडों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, थोक में 4 फीट का झंडा लगभग 75 रुपए का हुआ करता था। अब इसकी कीमत लगभग 85 रुपए हो गई है। विक्रेताओं का कहना है कि झंडे की कीमतों में वृद्धि कच्चे माल की लागत बढ़ने की वजह से हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, चार फुट के झंडे 10 रुपए और तीन फुट के झंडे 4 रुपए तक महंगे हो गए हैं। वहीं छोटे झंडों की बात करें तो उनकी कीमतों में भी 3 से 4 रुपए तक की वृद्धि हुई है।