विकास के लिए मिले 27 लाख, राशि खर्च हुई नहीं, अब अन्य जिलों को होंगे हस्तांतरण

-दस जिलों की 866.04 लाख रुपए अन्य जिलों को हस्तांतरण करने से लगेगा बड़ा झटका

By: Krishan chauhan

Updated: 25 Jun 2020, 11:38 AM IST

विकास के लिए मिले 27 लाख, राशि खर्च हुई नहीं, अब अन्य जिलों को होंगे हस्तांतरण

-दस जिलों की 866.04 लाख रुपए अन्य जिलों को हस्तांतरण करने से लगेगा बड़ा झटका

पत्रिका एक्सक्लूसिव- कृष्ण चौहान

श्रीगंगानगर. ग्रामीण अंचल में सहभागीदारी से विकास कार्यों के लिए मिली 27 लाख छह हजार रुपए की राशि खर्च नहीं हो पाई। इस कारण ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने श्रीगंगानगर सहित राज्य के दस जिलों की महात्मा गांधी जनभागीदारी विकास योजना में अधिशेष राशि को एक जिले से दूसरे जिले में हस्तांतरण करनी होगी। विभाग का तर्क है कि इन दस जिलों ने पीडी खातों में लंबे समय से अधिक राशि अवशेष है। इस राशि को विकास कार्यों पर खर्च नहीं किया गया। जबकि श्रीगंगानगर जिले की 27 लाख छह हजार रुपए की राशि हनुमानगढ़, कोटा व सीकर जिले को हस्तांतरण करनी होगी। इससे जिले को बड़ा झटका लगेगा। जबकि श्रीगंगानगर सहित राज्य के दस जिलों में 866.4 लाख रुपए की राशि अन्य जिलों में हस्तांतरण की कार्रवाई कर सूचना विभाग को देनी होगी। विभाग के विशिष्ट शासन सचिव पीसी किशन ने इन जिलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को इस संबंध में एक परिपत्र जारी कर निर्देशित किया है।

इन जिलों की राशि अन्य जिलों को आवंटित की

श्रीगंगानगर जिले की 27 लाख छह हजार रुपए राशि को हनुमानगढ़ को 11.18, कोटा को 13.47 व सीकर को 2.41 लाख रुपए आवंटित की गई है। जबकि चित्तौडगढ़़, दौसा, डूंगरपुर, जैसलमेर, झालावाड़, करौली, राजसमंद, सिरोही व धौलपुर आदि जिलों की 866.04 लाख रुपए की राशि राज्य के अन्य जिलों को आवंटित की गई है।
क्या है प्रावधान

राज्य में पहले जब भाजपा की सरकार थी। तब इस योजना का नाम गुुरु गोलवलकर जनभागीदारी विकास योजना था। राज्य में सरकार बदली कांग्रेस सरकार ने इस योजना का नाम बदल कर गुरु गोलवलकर की जगह महात्मा गांधी जनभागीदारी विकास योजना रख दिया है। इस योजना में मुख्य रूप से दस प्रतिशत राशि जन सहयोग से और 90 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की विकास कार्यों पर खर्च की जाती है। इसमें मुख्य रूप से श्मशान भूमि का शैड, चारदीवारी सहित अन्य निर्माण कार्य करवाए जाते हैं। दो दर्जन प्रस्ताव भी जिला परिषद के पास पैंडिग है। नया बजट स्वीकृत नहीं होने पर प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृतियां जारी नहीं की जा सकी।
दो साल से बजट ही नहीं मिला

जिला परिषद श्रीगंगानगर के सहायक लेखाधिकारी द्वितीय भगवानदास का कहना है कि विभाग ने महात्मा गांधी जनभागीदारी विकास योजना में अधिशेष राशि की सूचना मांगी थी। इसमें एक अप्रेल 2020 को जिले के पीडी खाते में 27 लाख छह हजार रुपए की राशि थी। जबकि पिछले दो साल से जिला परिषद को कोई बजट ही स्वीकृत नहीं हुआ। जबकि जिला परिषद के पिछले वर्षों की करीब 40 लाख रुपए के निर्माण कार्यों का भुगतान किया जाना है। इनको चालीस प्रतिशत राशि का भुगतान किया गया है।
फैक्ट फाइल

राशि का गणित
-श्रीगंगानगर जिले की राशि-27.06 लाख रु

-राज्य के दस जिलों की राशि-866.04 लाख रु

महात्मा गांधी जनभागीदारी विकास योजना में श्रीगंगानगर जिले में 27 लाख छह हजारु रुपए की राशि हस्तांतरण के संबंध में विभाग से आदेश मिले हैं। जबकि परिषद पहले जिले में जो निर्माण कार्य हो चुके हैं इनका भुगतान करेगी।
महावीरसिंह पुरोहित , सीइओ, जिला परिषद, श्रीगंगानगर

Krishan chauhan Reporting
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