जीकेएसबी की हर शाखा पर व्यवस्थापक लगाएंगे धरना

Krishan Ram | Updated: 15 Jun 2019, 06:05:57 PM (IST) Sri Ganganagar, Sri Ganganagar, Rajasthan, India

जीकेएसबी की हर शाखा पर व्यवस्थापक लगाएंगे धरना


समिति व्यवस्थापकों का कलक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन,एमडी से की वार्ता

श्रीगंगानगर. राज्य व जिला स्तर से जुड़ी सात मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होने से खफा ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापकों ने आह्वान किया कि शनिवार से जिले की दी गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक (जीकेएसबी) की हर शाखा के बाहर वे धरना लगाकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। ग्राम सेवा सहकारी समितियां कर्मचारी यूनियन जिला इकाई श्रीगंगानगर के सदस्य सुबह पंचायती धर्मशाला में एकत्रित हुए और यहां से जुलूस के रूप में जीकेएसबी के एमडी व जिला कलक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की गई। यूनियन के जिलाध्यक्ष आशु सिंह राठौड़ के अनुसार जिला कलक्टर ने कहा कि आप एमडी से मिलो। इसके बाद संगठन प्रतिनिधि जीकेएसबी के एमडी भूपेंद्र सिंह ज्याणी से मिले। एमडी ने स्थानीय स्तर की दो मांगों पर जांच करवाने का आश्वासन दिया है। लेकिन इस बात से समिति व्यवस्थापक सहमत नहीं हुए, उन्होंने तय किया कि 15 जून से जिले की 25 जीकेएसबी की शाखाओं पर व्यवस्थापक व अन्य कार्मिक धरना लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर इकाई के जिला उपाध्यक्ष मुखराम स्वामी, प्रदेश प्रवक्ता ओम रोज, भागीरथ शर्मा, मोहन लाल सहारण, अशोक कुमार नेतवाला, बलवंत सिंह, स्वर्ण सिंह, रामपाल सहित जिले की 325 समितियों के व्यवस्थापक व सहायक व्यवस्थापक शामिल हुए।

समितियों में काम-काज ठप--जून से ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कार्य बहिष्कार कर आंदोलन किया जा रहा है। एमडी से हुई वार्ता में स्थानीय मुद्दे व समितियों के संबंधी मुद्दों पर चर्चा की गई। इनमें प्रमुखता से जिन समितियों से ब्याज अधिक वसूला गया है, इनको तुरंत वापस करने और बैंक प्रशासन ने समितियों से जबरन अवधि पार ऋण नहीं होने के बावजूद समिति का मार्जिन राशि समिति के बचत खाते में जमा करने की मांग की गई। साथ ही पैक्स की ऋण लिमिट पर लगाई गई रोक को हटाने की मांग की गई। समिति व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक, सेल्समैन आदि कर्मचारियों को पिछले चार माह से वेतन नहीं मिला है

यह मुख्य मांगें-- जिले के समस्त पैक्स कर्मचारी,व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक, सेल्समैन एवं संविदा कर्मचारी शामिल हुए। इनकी मांग थी कि सातवें वेतन आयोग की राज्य कर्मचारियों के समान सरकारी कर्मचारियों के हित में आदेश की अपेक्षा, नियोक्ता निर्धारण की पत्रावली का निपटारा करने के क्रम में समितियों में कार्यरत शेष रहे कर्मचारियों की स्क्रीनिंग के क्रम में और ऋण नीति 2019 का निस्तारण करने की मांग की गई।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned