
ड्रेगन इस बार होली पर चढ़ाएगा चालाकी का रंग
अब भारत में आ रहे हैं पिचकारियों के पुर्जे, यहीं असेंबल कर लगता है मेड इन इंडिया का ठप्पा
श्रीगंगानगर.
चालबाज चीन इस बार होली के त्योहार पर भी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा। भारतीय बाजार में चायनीज माल का विरोध और इसके कारण हो रहे नुकसान को देखते हुए इस बार चीन ने बाजार में होली से संबंधित सामग्री तो बहुतायत से उतारी है लेकिन उन पर ठप्पा मेड इन चाइना का नहीं होकर मेड इन इंडिया का ही है, जिससे कि भारतीय ग्राहक इसे आसानी से खरीद ले। इसके लिए भारतीय व्यापारियों को बड़ी मात्रा में पिचकारियों और होली में उपयोग होने वाले उपकरणों के पुर्जे बेचने शुरू कर दिए हैं। यह सामान अब भारत में ही एसेंबल हो रहा है और यहीं पर इसकी बिक्री भी हो
रही है।
कार्टून कैरेक्टर से लुभा रहा चीन
चीन इस बार होली पर ब"ाों को लुभाने के लिए एेसी पिचकारियां लाया है, जिन पर तमाम कार्टून कैरेक्टर बने हैं। इनमें डोरेमोन, मिकी माउस, मोटू-पतलू और बार्बी डॉल आदि शामिल हैं। जिससे कि ब"ाों को ये पिचकारियां आसानी से पसंद आ जाए। यदि कोई ग्राहक चायनीज सामान खरीदने से इनकार भी करे तो उसे मेड इन इंडिया बताकर यह सामान दे दिया जाता है। इसके साथ ही प्रेशर गन, मैजिक बैलून, रेनबो फोग आदि भी बाजार में पसंद किए जा रहे हैं।
बदल रहा ट्रेंड,
अब मेड इन इंडिया का ठप्पा
रंग गुलाल के व्यापारी विवेक उपनेजा बताते हैं कि चीन ने अपना ट्रेंड बदल दिया है। पहले जहां चायनीज सामान बाजार में आता था अब पिचकारियों के पुर्जे आते हैं। उन्हें भारत ही असेंबल किया जाता है। जिससे कि इन पर मेड इन इंडिया लिखा रहता है लोग इन पिचकारियों को खरीद लेते हैं।
Updated on:
19 Mar 2019 01:43 pm
Published on:
19 Mar 2019 12:56 pm
