script बांग्लादेश, नेपाल में निर्यात कम होने से तीन गुना टूटे किन्नू के भाव | Kinnow prices fall three times due to reduced exports in Bangladesh an | Patrika News

बांग्लादेश, नेपाल में निर्यात कम होने से तीन गुना टूटे किन्नू के भाव

locationश्री गंगानगरPublished: Jan 31, 2024 12:31:52 pm

Submitted by:

Krishan chauhan

-कृष्ण चौहान - इस बार किन्नू का बंपर उत्पादन

बांग्लादेश, नेपाल में निर्यात कम होने से तीन गुना टूटे किन्नू के भाव
बांग्लादेश, नेपाल में निर्यात कम होने से तीन गुना टूटे किन्नू के भाव
बांग्लादेश, नेपाल में निर्यात कम होने से तीन गुना टूटे किन्नू के भाव
- इस बार किन्नू का बंपर उत्पादन
श्रीगंगानगर. इलाके में इस बार अनुकूल मौसम व पर्याप्त बारिश की वजह से किन्नू का बंपर उत्पादन हुआ है। साथ ही जिले में कड़ाके की सर्दी से श्रीगंगानगरी किन्नू में मिठास बढ़ गई। इस साल 3 लाख 80 हजार मीट्रिक टन किन्नू उत्पादन का अनुमान है। इसके के चलते किन्नू के भाव पिछले साल की तुलना में तीन गुना कम मिल रहे हैं। इसके चलते करीब पचास फीसदी किन्नू अभी बागानों में पड़़ा हुआ है। दो साल से बांग्लादेश किन्नू निर्यात को ट्रेन नहीं चलने व यहां कोई प्रोसेसिंग प्लांट नहीं होने के कारण यह िस्थति बन रही है। गत वर्ष तीन गुना से भी अ धिक उत्पादन कम रहा था।
किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष इस समय किन्नू का भाव 25 से 30 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रहा था। जबकि इस बार 8 से 12 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। जबकि खुले बाजार में किन्नू पिछली बार 35 से 50 रुपए जबकि इस बार 10 से 15- 20 रुपए किलोग्राम तक मुश्किल से पहुंच पाया है। श्रीगंगानगर और पड़ोसी राज्य पंजाब के अबोहर क्षेत्र के बागों में इस बार 25 हजार हैक्टेयर में किन्नू की बागवानी है। किन्नू उत्पादक संघ के व्यापारियों का कहना है कि इस बार मु श्किल से दस फीसदी किन्नू ही बाहर भेजा जा सका है।
तीन साल पहले 345 मीट्रिक किन्नू बांग्लादेश भेजा था
- तीन साल पहले श्रीगंगानगर से किन्नू स्पेशल ट्रेन से किन्नू बांग्लादेश निर्यात किया गया था। किन्नू व्यापारियों ने बताया कि जबकि इस बार किन्नू व्यापारियों के लिए बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया था। इस बार बांग्लादेश में किन्नू निर्यात नहीं हो पाया। किन्नू व्यापारियों ने बताया कि इस बार बांग्लादेश में किन्नू की इम्पोर्ट ड्यूटी 87 रुपए प्रति किलोग्राम है। तब इम्पोर्ट ड्यूटी 35 रुपए प्रति किलोग्राम थी।
प्रोसेसिंग प्लांट का अभाव
- जिले में किन्नू का बंपर उत्पाद है जबकि यहां पर प्रोसेसिंग प्लांट तक नहीं है। इस कारण किसानों को किन्नू का अच्छा भाव नहीं मिल पाता है। किन्नू उत्पादक किसान विकास भादू का कहना है कि इस बार किन्नू आठ से लेेकर 12 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है, जबकि पिछली बार इन दिनों 25 से 30 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रहा था।
यहां जाता है किन्नू
- दक्षिणी राज्यों के अलावा नेपाल के लोगों को भी गंगानगरी किन्नू का स्वाद भाता है। तमिलनाडु के कोयंबटूर, मदुरै, केरला के विभिन्न शहरों, आंधप्रद्रेश के हैदराबाद, विजयवाड़ा, महाराष्ट्र के मुंबई, नासिक, उत्तर प्रदेश के मेरठ, लखनऊ, कर्नाटक के बेंगलूरु, गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, बड़ौदा, मध्यप्रदेश के इंदौर और भोपाल में गंगानगरी किन्नू की सप्लाई होती है। वहां से अन्य शहरों में किन्नू भेजा जाता है।
किन्नू उत्पादन में पंजाब दूसरे स्थान पर
- किन्नू की खेती सिर्फ राजस्थान के जिलों में ही नहीं, बल्कि पड़ोसी प्रदेश पंजाब के अबोहर, फिरोजपुर, मुक्तसर, बठिंडा, होशियारपुर व मलोट आदि क्षेत्र में भी हो रही है। यहां की भूमि किन्नू के लिए मुफीद है।

जिले में किन्नू की बागवानी व उत्पादन का गणित
- ड्रिप पर फलों का क्षेत्रफल-8738 हैक्टेयर
- फलत अवस्था पर क्षेत्रफल-10234 हैक्टेयर
- पिछले वर्ष उत्पादन-95 हजार मीट्रिक टन

इनका कहना है
- श्रीगंगानगर और पंजाब के अबोहर क्षेत्र में किन्नू का बंपर उत्पादन है लेकिन श्रीगंगानगर में किन्नू का औसत भाव 7 से 8 रुपए प्रति किलोग्राम होने से मंदा ही चल रहा है। इसका मुख्य कारण बांग्लादेश में किन्नू निर्यात बहुत कम हुआ है।
--श्याम लाल बगडिय़ा, पूर्व सचिव गंगानगर किन्नू संघ।

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