
श्रीगंगानगर. श्रीगंगानगर डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट अलायंस ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर दवा दुकानों की जांच कमेटी में पुलिस बल को शामिल नहीं करने की मांग की है। दुकानदारों का कहना था कि कुछ समय से जिले में नशे के दुरुपयोग एवं अवैध नशे का कारोबार करने वाले नशा तस्करों के पकड़े जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इस संबंध में जिला कलक्टर की ओर से तहसील स्तर पर कमेटी गठन कर दवा की दुकानों के निरीक्षण करने के आदेश दिए गए हैं। इसमें औषधि अधिकारियों के अतिरिक्त पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है जबकि दवा विक्रेता सरकार से लाइसेंस प्राप्त कर वैध रूप से अपना व्यवसाय करते हैं, जिनका समय-समय पर विभाग के अधिकारियों की ओर से निरीक्षण किया जाता हैं। कोई कमी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त व निलंबित करने की कार्यवाही की जाती है, लेकिन पुलिस बल की उपस्थिति दवा संस्थान की प्रतिष्ठा पर विपरीत प्रभाव डालती है। इस अवसर पर सचिव मदन अरोड़ा, संरक्षक ओमप्रकाश मित्तल, सूरतगढ़ से अनिल शर्मा, गौरव मित्तल, नवीन कालड़ा, जुगल किशोर, नवीन गुप्ता, महावीर प्रसाद, रमेश खोड़, मनीष गर्ग, ओम कालड़ा, देवेन्द्र अदलखा, नरेश अरोड़ा, सुरेन्द्र बूटी, नारायण दास, विनोद गोयल, शंकर असीजा आदि मौजूद थे।
संगठन पदाधिकारियों का कहना था कि पुलिस जांच दल के साथ दुकानों में आती है तो समाज में दुकानदार का विपरीत संदेश जाता हैं। विगत वर्षों में कभी भी दवा संस्थान पर निरीक्षण के दौरान कोई विवाद अथवा झगड़ा नहीं हुआ है। यदि औषधि अधिकारी पुलिस बल की मांग करता है तो इसमें भी उन्हें एतराज नहीं है, लेकिन देखने में आया है कि जितने भी लोग नशीली दवाओं के साथ पकड़े गए हैं, उनमें से अधिकतर केमिस्ट नहीं हैं। इन तथ्यों को मध्यनजर रखते हुए दवा दुकानों की जांच कमेटी में पुलिस बल को शामिल नहीं करने के आदेश जारी किए जाएं। इस संबंध में कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों से फीडबैक लेने का आश्वासन दिया।
Published on:
27 Jul 2024 02:34 pm
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