किसान आंदोलन वैचारिक क्रांति,बंदूक से नहीं होगा समाप्त

पूरे देश में होगी किसान महापंचायतें,कानून वापसी तभी किसान की होगी घर वापसी
-अगला ट्रेक्टर मार्च संसद तक होगा

By: Krishan chauhan

Published: 27 Feb 2021, 11:26 AM IST

पूरे देश में होगी किसान महापंचायतें,कानून वापसी तभी किसान की होगी घर वापसी
-अगला ट्रेक्टर मार्च संसद तक होगा
-किसान आंदोलन वैचारिक क्रांति,बंदूक से नहीं होगा समाप्त
श्रीगंगानगर-घड़साना.
कृषि विधयकों को रद्ध करने व एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का अब विस्तार किया जाएगा। आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी। सरकार कानून वापस लेगी तभी किसानों की घर वापसी होगी। यह बात संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में शुक्रवार को यहां धानमंडी शैड पर हुई किसान महापंचायत में भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहीं। टिकैत ने सरकार को चेतावनी के लहजे में कहा कि दिल्ली सुनले,ये ट्रैक्टर वही और किसान भी वही है। इस बार चालीस लाख टै्रक्टर लेकर कानून बनाने वाली संसद तक मार्च किया जाएगा। टिकैत ने कहा कि किसान संयुक्त मोर्चा ने 26 फरवरी को युवा दिवस मनाने का निर्णय लिया है। किसान महापंचायत में आए युवाओं से कहा किसी भी आंदोलन की सफलता युवाओं की ताकत से होती है। किसानों ने सरकार को चेताया है कि अभी कानून वापसी के लिए युवाओं को ताकत लगानी होगी।
सरकार को हर तरफ से घेरेंगे
स्वराज इंडिया के राष्टीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि आंदोलन लंबा चलाना किसानों का एजेंडा नहीं है। पिछले छह माह से किसान आंदोलन कर रहे हैं,जबकि तीन माह से दिल्ली को घेर कर बेठे हैं। आंदोलन जितना लंबा चलेगा उतना केन्द्र सरकार को नुकसान उठाना होगा। यह आंदोलन किसान की अस्मितता से जुड़ा है। किसान अपनी अगली पीढ़ी के लिए खेत-खलिहान बचाने के लिए सर्दी व गर्मी झेल कर आंदोलन कर रहा है। यादव ने कहा कि सिंचाई पानी के लिए वर्ष 2004 में हुए घड़साना आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली थी। सरकार ने यह तय कर रखा है कि किसानों में क्षेत्रवाद,जाति वर्ग के नाम पर फूट डाल कर आंदोलन को कमजोर किया जाए। लेकिन किसानों ने तय कर लिया है कि पूरे देश में सभी किसान एकजुट होकर मिशाल कायम करेंगे। यादव ने कहा कि देश में बड़ी कम्पनियों के मंसुबे अच्छे नहीं है। सरकार सब कुछ कम्पनियों को बेचने में लगी है। पूरे देश में आठ सौ कोनों से किसान आंदोलन के माध्यम से सरकार को घेरेंगे।

तीन कृषि कानूनों की वापसी तक चलेगा आंदोलन
किसान महापंचायत को पूर्व विधायक अमराराम,जाट महासभा अध्यक्ष राजाराम मील, तारासिंह सिद्धू हरियाणा के किसान युद्धवीर सिंह,पंजाबी कलाकार सोनिया मान,खाजूवाला की पूर्व प्रधान सरिता चौहान,पंजाब के किसान नेता बलविन्द्र सिंह,पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल,पूर्व विधायक पवन दुग्गल,पृथीपाल सिंह संधू भूरामल स्वामी,गुरविन्द्र मान,कालू थोरी,जय किसान आंदोलन के रमन रंधावा,कांग्रेस महिला नेत्री रामदेवी बावरी व शिमला नायक आदि ने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे,देश का किसान पीछे नहीं हटेगा। मंच पर टिकैेत के भाषण में सरकार को चेतावनी देने दी कुछ युवा आवेश में आकर प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। इस पर टिकैत ने युवाओं की तरफ अंगुली दिखाते हुए ऐसे नारे नहीं लगाने से मना किया।

किसानी पर पंजाबी गीत किए पेश
किसान महापंचायत दोहपर एक बजे शुरू कर दी गई। मंच पर स्थानीय पंजाबी गायक कलाकारों ने हिन्दी,देश भक्ति तथा पंजाबी गाने प्रस्तुत किए। गायक कलाकारों ने किसान आंदोलन पर गीत पेश किए। मंच पर जाट महासभा की ओर से अध्यक्ष जगदीश जाखड़,उपाध्यक्ष दिनेश लेघा,चन्द्रभान लेघा,ओमप्रकाश जाखड़,लालचंद चोटिया आदि ने टिकैत व मील को हल भेंट किया और साफा पहनाकर स्वागत किया।
लंगर सेवा की
गुरुद्वारा सिंह सभा की ओर से किसान महापंचायत में पूरे दिन भर चाय तथा पकोड़ों का लंगर चलाया गया।सैंकड़ो सेवादारों ने सेवाएं दी। गुरुद्वारा रावला मंडी व अन्य गुरुद्वारा कमेटियों ने धानमंडी में चाय नाश्ता का लंगर चलाया। सेवादार हरजिन्द्र सिंह रमाणा व करतार सिंह दूधी ने बताया कि गुरुद्वारा सिंह सभा परिसर में लंगर सेवा की गई।

Krishan chauhan Reporting
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