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अनूपगढ़.
तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत 65 जी.बी. में ऋण माफी योजना के तहत किसानों को प्रमाण पत्रों का वितरण विधायक शिमला बावरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक शिमला बावरी ने बताया कि विधानसभा की सभी ग्राम पंचायतों में एक विशेष शिविर आयोजित करके किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरण किए जाएंगे। ग्राम पंचायत 65 जी.बी. में इस शिविर का शुभारंभ करते हुए 209 किसानों को कर्ज माफी के प्रमाण-पत्र विधायक द्वारा दिए गए। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा किसान हित को देखते हुए केंद्रीय सहकारी बैंक के किसानों को अलग-अलग श्रेणी बनाकर कर्ज माफी की व्यवस्था की गई है, इसमें लगभग किसानों को 50 लाख रुपए से लेकर 17 लाख रुपए तक ऋण माफ किए जा रहे हैं।
इस दौरान विधायक बावरी ने आमजन की समस्याएं भी सुनी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत 65 जी.बी. में गौरव पथ निर्माण पूर्ण हो चुका है और वाटर वक्र्स मरमत के लिए 70 लाख रुपए की राशि मंजूर करवा दी गई है तथा जल्द ही कार्य शुरु कर दिया जाएगा, जिससे आमजन के घरों तक पहुंचेगा और पेयजल की समस्या से निजात मिलेगी। इस कार्यक्रम में विधायक बावरी के अलावा भाजपा देहात मंडल अध्यक्ष हरविंद्र सिंह हीरे, सहकारी बैंक निदेशक, सरपंच 65 जी.बी. गोरखाराम, बूथ अध्यक्ष परविंद्र सिंह , बूथ अध्यक्ष सरजीत सिंह तथा केंद्रीय सहकारी बैंक के समस्त अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
गांव बंद के समर्थन में सब्जी मंडी रही बंद
अनूपगढ़. विभिन्न किसान संगठनों द्वारा 1 जून से 10 जून तक गांव बंद के आंदोलन के तहत शुक्रवार को आंदोनकारी किसानों द्वारासमर्थन मांगने पर खुदरा सब्जी मंडी भी बंद रही। खुदरा सब्जी मंडी के अध्यक्ष महेश बत्रा ने बताया कि किसानों द्वारा गांव बंद को लेकर समर्थन मांगा था। इसके तहत 8 जून से 10 जून तक सब्जी मंडी बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि थोक सब्जी मंडी ने पूर्व में ही आंदोलन को समर्थन दे दिया था तथा थोक सब्जी मंडी की तालाबंदी कर दी थी।
लेकिन खुदरा सब्जी मंडी में सब्जी की आवक हो रही थी। इससे सब्जी तथा फल बाजार में उपलब्ध हो रहे थे। अब सब्जी मंडी के दुकानदारों द्वारा समर्थन देने के बाद 3 दिन सब्जी मंडी पूर्णतया बंद रहेगी। इसके अलावा दूध की आपूर्ति नहीं होने से छोटे होटल संचालकों ने भी अपने होटल बंद रखे। सब्जी की दुकानें बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ शहर के मुख्य चौराहों पर लगे नाकों को हटा लिया गया है, मगर अभी भी घरों में दूध की सप्लाई नहीं शुरु की गई है।
Published on:
08 Jun 2018 09:31 pm
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