25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

श्रीगंगानगर के विजय ने मुंबई में बनाई पहचान, फिल्म के जरीए किया जाति पर प्रहार

विजय सुथार गायक बनने का सपना लेकर घर से निकला। उसने एक के बाद एक संपर्क बनाए और सफलताएं अर्जित की। राजस्थानी फिल्म तावड़ो का किया लेखन निर्देशन।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

झांसी

•

image

Sonakshi Jain

•

Updated: 27 Mar 2017, 2:52 PM IST

जिले के श्रीबिजयनगर क्षेत्र के गांव गोमांवाली का विजय सुथार गायक बनने का सपना लेकर घर से निकला। उसने एक के बाद एक संपर्क बनाए और सफलताएं अर्जित की। जयपुर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए मुम्बई का रुख किया और अपने दम पर एक फिल्म का लेखन और निर्देशन कर दिखाया।



श्रीगंगानगर आए सुथार ने बताया कि उसने एक टैलेंट हंट शो में गायन से शुरुआत की। हालांकि वहां उसे ज्यादा सफलता तो नहीं मिली लेकिन स्थानीय लोगों के समर्थन से वह आगे बढ़ता चला गया और आखिर उसने फिल्मों का रुख कर लिया।



जाति पर प्रहार करती फिल्म है तावड़ो

विजय बताते हैं कि फिल्म तावड़ो जातिवाद पर प्रहार करती है। इसमें एक गाना गायक शान ने भी गाया है। इसकी अधिकांश शूटिंग राजस्थान के नोखा, जैसलमेर सहित विभिन्न स्थानों पर हुई है।



विजय बताते हैं कि उन्होंने सावधान इंडिया में सहायक निर्देशक के रूप में शुरुआत की और बाद में गौरी तेरा गांव बड़ा प्यारा और नियति सीरियल का निर्देशन किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक सीमेंट कंपनी और कई अन्य इलेक्ट्रोनिक उत्पाद कंपनी तथा वाटर प्यूरीफायर कंपनियों के लिए एड फिल्म भी की है।