ऐसे बची बस यात्रियों की जान, वहीं दो बच्चों ने किया अपने पिता को बचाने का प्रयास

बच्चों के पिता सहित दो जने हो गए थे बेहोश, जो बाहर नहीं आ सके

By: Raj Singh

Published: 20 Sep 2021, 11:00 PM IST

अनूपगढ़. इलाके के 5 के गांव के समीप हुए ट्रोला की टक्कर के बाद बस में लगी आग के दौरान यात्रियों की जान आसपास के ग्रामीणों ने बचाई, नहीं तो मृतकों की संख्या बढ़ सकती थी। वहीं दो बच्चों ने अपने पिता की जान बचाने का प्रयास किया लेकिन पिता बेहोशी के कारण बस से बाहर नहीं निकल सके और जिंदा जल गए।

हादसे के बाद बस पलट गई और बस ने आग पकड़ ली थी। यात्रियां जैसे-तैसे बस से बाहर निकलने का प्रयास कर रही थीं। इसी बस में चक 4 एनडी के रूपाराम अपने दो बच्चों के साथ सवार था। जो इस हादसे में बेहोश हो गया। हादसे के बाद चीख पुकार व आग लगती देखकर बच्चों ने रूपाराम को उठाने का प्रयास किया लेकिन बेहोश होने के कारण वह उठ नहीं पाया। रूपाराम के आठ साल के बच्चे ने उठाने का प्रयास किया और कहा कि बस में आग लग गई है। बस में मची भगदड़ के दौरान यात्रियों के धक्के से बच्चे भी केबिन में आ गए लेकिन बाहर निकलने की कोई जगह नहीं थी। बस के अंदर चीख पुकार व बाहर शोर मच रहा था। तभी बाहर से किसी ग्रामीण ने पलटी हुई बस का मुख्य शीशा तोड़ दिया। शीशा टूटते ही यात्रियों के साथ अपने पापा को आवाज लगाते हुए बच्चे भी बाहर हो गए। लेकिन बेहोश हुए उनके पिता बाहर नहीं आ सके और आग तेज हो गई। देखते-देखते ही बस धूं-धूं कर जल उठी। वहां ग्रामीणों व लोगों ने सवारियों को घटना स्थल से दूर हटा दिया था। यात्रियों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति बस का शीशा नहीं तोड़ता तो मरने वालों की संख्या ज्यादा हो सकती थी।

मृतकों की हुई श्निाख्त, पुलिस ने शवों को सौंपा परिजनों को

- थानाधिकारी फूलचंद शर्मा ने बताया कि रविवार रात को हुई आगजनी की घटना के बाद बस से दो शव व ट्रोले से ट्रोले चालक के शव को निकाला गया था। ट्रोले चालक के खलासी के सकुशल होने के कारण उसकी शिनाख्त में किसी तरह की परेशानी नहीं आई। खलासी से पूछताछ कर ट्रोले चालक के परिजनों को सूचित किया। इस पर परिजनों ने मौके पर आकर ट्रोले चालक जंगीर सिंह पुत्र हरनाम सिंह वार्ड नम्बर एक फतेहपुर के रूप में पहचान कर ली। इस घटना में दो बच्चे लावारिस मिले थे, जिनके परिजनों की तलाश के लिए सोशल मिडिया पर फोटो वायरल की गई थी। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद ग्राम पंचायत चार एलएम के सरपंच एलसी डाबला ने दोनों बच्चों की पहचान की ली। जिसके बाद उन्होंने पुलिस थाना में सम्पर्क करने बाद कस्बे में आकर बच्चों के पहचान की पुष्टि चक 4 एनडी के आत्माराम उर्फ रूपाराम पुत्र त्रिलोका राम के रूप में की। उन्होंने गांव में पता किया कि रूपाराम इस बस में रविवार को अपने दोनों बच्चों के साथ पीटीएम जा रहा था। इसी आधार पर शव की शिनाख्त भी कर ली गई। वहीं घटना की सूचना 36 एमओडी निवासी जगतार सिंह को मिली। उसी बस में उसका भाई यात्रा कर रहा था। इस पर उसने मौके पर पहुंच कर तीसरे शव के अपने भाई बूटा सिंह पुत्र दान ङ्क्षसह के रूप में शिनाख्त कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए।

बस यात्री ने ट्रोला चालक के खिलाफ कराया मामला दर्ज

- हादसे के बाद सोमवार को बस मे यात्रा कर रहें सतपाल पुत्र गंगाबिशन बिश्नोई के पर्चा ब्यान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया हैं। सतपाल ने पुलिस को बताया कि वह अनूपगढ़ से होते हुए अपनी रिश्तेदारी में बज्जू के गांव गोडू में जा रहा था। हाइवे पर घड़साना की तरफ से गफलत एवं तेज गति से एक ट्रोला आया और बस के साथ भिडंत हो गई। जिसके बाद बस चालक ने बस को साइड में करने की कोशिश की तो आगे एक पेड़ आने से बस पलटी खा गई। वह बस चालक के पीछे वाली सीट पर आगे की तरफ बैठा था। पलटी खाते ही वह बस की खिडक़ी का शीशा तोडकऱ बस से बाहर आ गया। मेरे साथ-साथ बस में अन्य सवारियां भी निकली थी। उसने पुलिस को लिखवाया कि जिसके कुछ देर बाद बस में आग लग गई। इस घटना में वह तथा बस से बाहर निकली सवारियां चोटिल हो गई हैं। बस में आग लगने के कारण दो सवारियों की मौके पर ही जलने से मौत हो गई हैं तथा सुना है कि ट्रोला चालक की भी जलने से मौत हो गई है। उसे व उसके साथियों को घड़साना की तरफ से रोडवेज की बस ने अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। थानाधिकारी ने बताया कि मौके पर परिवहन विभाग के अधिकारी भी आ गए थे। दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही हैं।

केमिकल युक्त डीजल के कारण हो रही आगजनी की घटनाएं- वर्तमान में डीजल के बढ़ते भावों के कारण ट्रक व ट्रोला चालक एक विशेष किस्म के केमिकल युक्त डीजल का उपयोग करने लगे है, जो अत्यधिक ज्वंलनशील हैं। वाहन में यह डीजल होने के कारण दुर्घटना होने की स्थिति में आगजनी होने की आशंका ज्यादा रहती हैं। ट्रोले के खलासी ने बताया कि उन्होंने ट्रोले में एक दुकान से डीजल भरवाया था। दुकान से ट्रोले में डीजल भरने पर पूरी आशंका है कि खर्च बचाने के लिए केमिकल युक्त डीजल ही भरवाया गया था। पेट्रोल पम्प एसोशिएसन के अध्यक्ष मोहित छाबड़ा ने बताया कि वर्तमान में वाहन चालक इस प्रकार का डीजल काफी उपयोग में लेने लगे है, इसकी कीमत डीजल की अपेक्षा काफी कम होती है। यह उसी प्रकार माइलेज देता है लेकिन यह डीजल इंजन के लिए व इस तरह की घटनाओं के लिए सुरक्षित नहीं हैं। यह केमिकल युक्तडीजल अवैध है, इसके बावजूद हर चौराहे पर बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। कई बार प्रशासन को केमिकल युक्त डीजल बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

Raj Singh Reporting
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