मजदूरी कर बीएसएफ इंस्पेक्टर के पद पर पहुंचा

 

-श्रीगंगानगर निवासी युवा ने पेश की मिसाल

By: Krishan chauhan

Published: 06 May 2021, 10:23 AM IST

मजदूरी कर बीएसएफ इंस्पेक्टर के पद पर पहुंचा

-श्रीगंगानगर निवासी युवा ने पेश की मिसाल

-कृष्ण चौहान
श्रीगंगानगर. यह कहानी है संघर्ष और सफलता की मिसाल श्रीगंगानगर की इंदिरा कॉलोनी निवासी कालूराम की। वर्तमान में रेलवे की ग्रुप डी सेवा के तहत नांगल में कार्यरत कालूराम का चयन बीएसएफ में सब इंस्पेक्टर के पद पर हुआ है। 13 वर्ष की छोटी सी उम्र में पिता को खोने के बाद उसने घर की जिम्मेदारी निभाई। कालूराम बताते हैं कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई के दौरान सुबह 4 बजे सब्जी मंडी में जाना पड़ता था। आधी छुट्टी के बाद स्कूल जाता ताकि किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़े। अपनी मां के संघर्ष को याद करते हुए वह कहते हैं उन्होनें और उनकी मां ने बीमारी के दौरान भी तेज बरसात में सुबह 4 बजे उठकर काम किया।

—---------------
-खेलना छोड़,रात एक बजे तक की पढ़ाई

कालूराम की मां विमला देवी ने बताया कि उनका बेटा दसवीं कक्षा में बिना ट्यूशन पढ़े 70 प्रतिशत अंक लेकर आया। अपने साथियों के साथ खेलना-कूदना बंद कर दिया था। रात को 1 बजे तक पढ़ाई करता और दिन में स्कूल व बचे समय में दिहाड़ी। ना कभी अच्छे कपड़े पहन कर देखे ना कभी फटे कपड़ों की परवाह की। बस साहस के साथ खुद को कमजोर नहीं होने दिया।
—----------

-उड़ान टीम को दिया सफलता का श्रेय
12 वीं के बाद कालूराम ने डीएवी कॉलेज से स्नातक की। फिर स्नात्कोत्तर के लिए राजकीय महाविद्यालय में प्रवेश लिया। यहां असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रपाल जांदू ,डॉ.अरुण सहरिया,पटेल राम सुथार,शुभम गुप्ता और पूरी उड़ान टीम के मार्गदर्शन में लगातार तैयारी कर बीएसएफ में अधिकारी बनने का मुकाम हासिल किया। उन्होंने युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि यदि व्यक्ति में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो आर्थिक समस्याएं आड़े नहीं आती।

Krishan chauhan Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned