आंदोलन की चेतावनी...गंगनहर में नहरबंदी में काम नहीं करने से किसान संगठन खफा

-जल संसाधन विभाग ने पांच से 25 अप्रेल तक ले रखी है गंगनहर में नहरबंदी

By: Krishan chauhan

Published: 17 Apr 2021, 11:30 AM IST

आंदोलन की चेतावनी...गंगनहर में नहरबंदी में काम नहीं करने से किसान संगठन खफा

-जल संसाधन विभाग ने पांच से 25 अप्रेल तक ले रखी है गंगनहर में नहरबंदी


श्रीगंगानगर. गंगनहर में पांच अप्रेल से 25 अप्रेल तक बीस दिन की नहरबंदी में 11 दिन बीत गए लेकिन अभी तक जल संसाधन विभाग ने कोई काम नहीं करवाया है। इसको लेकर विभिन्न किसान संगठन जल संसाधन विभाग से खफा है तथा आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। जीकेएस के जिलाध्यक्ष रणजीत सिंह राजू व प्रवक्ता संतवीर सिंह ने जिला कलक्टर जाकिर हुसैन से मिलकर आंदोलन की चेतावनी दी है।

इस बीच शुक्रवार को जय किसान आंदोलन के राज्य प्रभारी रमन रंधवा व विनोद जाखड़,किसान संघर्ष समिति के सचिव अमर सिंह बिश्नोई,किसान आर्मी के गुरलाल बराड़,प्रदीप मान,सुखजीत सिंह की टीम ने बीकानेर कैनाल व फिरोजपुर फीडर का निरीक्षण किया। रंधावा ने बताया कि जगह-जगह नहर में मिट्टी, पेड़, झाड़ आदि की डाफ लगी हुई है। इस कारण पानी तेजी से आगे नही बढ़ पता है। किसान आर्मी के बराड़ ने बताया कि फिरोजपुर फीडर की मरम्मत, 45 आरडी से खखा हैड तक बीकानेर कैनाल का रख-रखाव व साफ-सफाई और खखा हैड से गंगनहर की विभिन्न वितरिकाओं व नहरों की साफ-सफाई का कार्य नहरबंदी में करना था लेेकिन संसाधन विभाग ने 11 दिन की नहरबंदी में कोई काम नहीं किया है। पंजाब व राजस्थान के क्षेत्र में कहीं पर ही नहर का रख-रखाव व साफ-सफाई का कार्य नहीं किया है। किसान दल के नेता रघुवीर ताखर ने कहा कि जब नहरबंदी में कोई काम ही नहीं करवाना है तो फिर नहरबंदी क्यों ली गई। किसान कॉटन की फसल की बुवाई तो समय पर करता। किसान सभा के केंद्रीय किसान कौंसिल के सदस्य श्योपत मेघवाल ने गंगनहर में अप्रेल माह में बंदी के दौरान फिरोजपुर फीडर की मरम्मत, 45 आरडी से संपूर्ण गंगनहर व सभी वितरिकाओं की साफ सफाई, गंगनहर में क्षतिग्रस्त वॉल्व बन्द करने तथा लाइनिंग (पटड़े) दुरुस्त करने में लापरवाही बरतने वाले जल संसाधन विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।

पांच-छह सौ क्यूसेक लॉसेज की हो सकती है बचत

फिरोजपुर फीडर की हालत बहुत खस्ता बनी हुई है। इस नहरबंदी में जहां नहर ज्यादा टूटी हुई है या कट लगे हुए हैं। वहां पर दोनों साइड के पटड़ों को मजबूत किया जा सकता था। फिरोजपुर फीडर से आगे 45 आरडी से खखा हैड तक बीकानेर कैनाल की मरम्मत व साफ-सफाई करवाई जा सकती थी। जहां पर वॉल्व लगे हुए हैं। इनको बंद करवाया जा सकता था। इससे पांच से छह सौ क्यूसेक सिंचाई पानी के लॉसेज की बचत हो सकती थी।

पक्ष-विपक्ष के विधायकों की नहीं टूट रही चुपी

राज्य में और पंजाब में कांग्रेस की सरकार है। कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर जिले में किसान का मुख्य आधार ही खेतीबाड़ी है। इसके लिए नहरी प्रणाली दुरुस्त होनी चाहिए। नहरबंदी में कॉटन की बुवाई प्रभावित होगी, लेकिन नहरबंदी में कोई काम नहीं होना, बहुत ही गंभीर बात है। इस पर कांग्रेस के सादुलशहर व श्रीकरणपुर, निर्दलीय व कांग्रेस समर्थक श्रीगंगानगर विधायक ने अभी तक नहरबंदी पर चुपी साध रखी है। यही हाल विपक्ष के विधायक सूरतगढ़, रायसिंहनगर व अनूपगढ़ का है।

नहरबंदी के दौरान नहरों के रखरखाव का कार्य करवाया
जिला कलक्टर जाकिर हुसैन ने जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता को गंगकैनाल प्रणाली में नहरबंदी की आगामी शेष अवधि के दौरान नहर जहां-जहां क्षतिग्रस्त है,वहां पर रख रखाव संबंधी कार्य अविलम्ब पूर्ण करवाने के लिए पाबंद किया है। नहर में से सिल्ट निकालने संबंधी एवं अन्य सफाई कार्यों को तत्काल शुरू किया जाए। कलक्टर ने श्रीगंगानगर जिले के गंगनहर प्रणाली से संबंधित नहरों एवं वितरिकाओं में जल प्रवाह में सुधार हो एवं नहर प्रणाली से जुड़े हर शहरी एवं ग्रामीण आमजन को पेयजल व सिंचाई के लिए जल उपलब्ध करवाया जा सके।

Krishan chauhan Reporting
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