नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर सुकमा के अगवा 34 ग्रामीणों से की पूछताछ, फिर चेतावनी देकर किया रिहा

Sukma News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र के कुन्देड़ गांव से अपहृत किए गए सभी 34 लोगों को नक्सलियों ने 60 घंटे बाद सुरक्षित छोड़ दिया है।

By: Ashish Gupta

Published: 22 Jul 2021, 11:19 AM IST

सुकमा. Sukma News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र के कुन्देड़ गांव से अपहृत किए गए सभी 34 लोगों को नक्सलियों ने 60 घंटे बाद सुरक्षित छोड़ दिया है। मंगलवार को देर रात सभी ग्रामीण कुन्देड़ पहुंच गए हैं। बताया जाता है कि नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर भरी सभा में इनसे काफी लंबी पूछताछ की है। बाद में ग्रामीणों के अनुरोध पर इन युवाओं को चेतावनी देकर छोड़ दिया। रिहा हुए लोगों के साथ नक्सलियों द्वारा कोई ज्यादती करने की जानकारी नही मिली है।

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तोलावर्ती में लगाई जनअदालत
जगरगुंडा थाना क्षेत्र के ही गांव तोलावर्ती में नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर ग्रामीणों से लम्बी पूछताछ की थी। मिली जानकारी के मुताबिक इस दौरान आधा दर्जन नक्सली नेता वहां मौजूद थे। नक्सली इस बात से बेहद नाराज थे कि कुन्देड़ के युवाओं ने इलाके की कई महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस से साझा की है। इस आधार पर उन्हें नुकसान हुआ है। क्षेत्र के कुछ युवा गोपनीय सैनिक व कुछ डीआरजी में भर्ती के प्रयास कर रहे हैं और युवाओं ने पुलिस कैम्प का पुरजोर विरोध नहीं किया। नक्सलियों ने ग्रामीणों को भी चेतावनी दी कि वे युवाओं को नियंत्रण में रखें। सुकमा के एसपी सुनील शर्मा ने भी ग्रामीणों के गांव लौट आने की पुष्टि की है।

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यह ग्रामीण थे नक्सलियों के चंगुल में
सर्व समाज सुकमा के वेको हूंगा और रामधर बधेल ने सुकमा में पत्रवार्ता लेकर नक्सलियों ने ग्रामीणों की रिहाई की अपील की थी। जिसमें उईका सन्नु, उईका प्रकाश, उईका रामलाल, कारम हिरा, उईका मुकेश, तेलम प्रभात और उईका मुड़ा प्रमुख थे। मंगलवार की देर रात्रि जब ग्रामीणों को नक्सलियों ने रिहा किया था तब भी सबसे पहले सर्व आदिवासी समाज ने जानकारी दी थी कि नक्सलियों ने सभी ग्रामीणों को सकुशल रिहा कर दिया। पुलिस ने ग्रामीणों की रिहाई की बुधवार को पुष्टि की।

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यह है मामला
नक्सलियों ने कुन्देड़ गांव के 7 युवाओं पर पुलिस के लिए मुखबिरी करने के आरोप में 18 जुलाई को अगवा किया था। बाद में 13 अन्य युवाओं को भी नक्सलियों ने बुलाकर पूछताछ की थी। इनको छुड़ाने गांव के 14 अन्य ग्रामीण भी जंगल चले और नक्सलियों के जाल में फंस गए।

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