BE CAREFUL : एक चॉकलेट से बदल सकती है आपकी जिंदगी..! रहे सावधान

BE CAREFUL : एक चॉकलेट से बदल सकती है आपकी जिंदगी..! रहे सावधान
BE CAREFUL : एक चॉकलेट से बदल सकती है आपकी जिंदगी..! रहे सावधान

Divyesh Kumar Sondarva | Updated: 09 Oct 2019, 01:37:01 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

- हर स्कूल के दो शिक्षकों को 12 अक्टूबर को दिया जाएगा प्रशिक्षण
- यौन शोषण रोकने के लिए स्कूलों में चलेगा सेफ होम-सेफ स्ट्रीट प्रोग्राम

सूरत.

बच्चों के साथ बढ़ रहे यौन शोषण के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने सेफ होम-सेफ स्ट्रीट प्रोग्राम शुरू करने का निर्णय किया है। इसके तहत शहर के हर स्कूल में दो शिक्षकों को बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रशिक्षण शिविर में सभी स्कूलों को अनिवार्य रूप से हिस्सा लेने का आदेश दिया है।

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बच्चों को बहला-फुसलाकर उनके शारीरिक शोषण और मानसिक रूप से प्रताडि़त करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों पर अंकुश के लिए शिक्षा विभाग ने सेफ होम-सेफ स्ट्रीट प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत स्कूल के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। रांदेर के संस्कार भारती स्कूल में 12 अक्टूबर को प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें अनुदानित और स्वनिर्भर, सभी स्कूलों को हिस्सा लेने का आदेश दिया गया है। शिविर सुबह 8 से 11 बजे तक चलेगा। जिला शिक्षा विभाग ने प्रत्येक स्कूल से दो शिक्षकों को शिविर में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

सूरत में हुए कई मामले
सूरत में बच्चों के साथ दुव्र्यवहार के कई मामले प्रकाश में आए हैं। बच्चों के साथ दुष्कर्म कर उनकी हत्या तक के मामले हो चुके हैं। बच्चों को चॉकलेट या अन्य किसी चीज का लालच देकर यौन शोषण के कई मामले हुए हैं।

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तरह-तरह के शोषण
पॉक्सो (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) एक्ट के अनुसार बच्चे को गलत तरीके से छूना, उसके सामने गलत हरकतें करना और उसे अश्लील चीजें दिखाना-सुनाना भी यौन शोषण के दायरे में आता है। यौन शोषण के अलावा बच्चे मानसिक और शारीरिक शोषण का भी शिकार होते हैं। बच्चे को पीटना, चोट पहुंचाना, हिंसक तरीके से हिलाना, जलाना, धक्का देना, गिराना, दम घोंटना या जहर देना शारीरिक शोषण की श्रेणी में आता है। बच्चा जब यौन शोषण या शारीरिक शोषण का शिकार होता है तो वह मानसिक शोषण से भी गुजरता है। मानसिक उत्पीडऩ से गुजर रहे बच्चे अपनी उम्र के बच्चों से अलग बर्ताव करते हैं। कुछ मामलों में वह बेहद उग्र और आक्रामक हो जाते हैं तो कुछ में एकदम शांत और गुमसुम।

केस 1
किशोरी के साथ बलात्कार
महाराष्ट्र के धुलिया जिले के सिंधखेड़ा निवासी सोनू पाटिल पर आरोप है कि उसने सत्रह वर्षीय किशोरी को गर्भवती बना दिया। लिम्बायत क्षेत्र में अपने मामा के यहां रहने वाला सोनू गैस एजेंसी में काम करता था। अप्रेल में उसने डिंडोली क्षेत्र में किशोरी के साथ बलात्कार किया। उसके बाद जान से मारने धमकी देकर उसने तीन महीने तक यौन संबंध बनाए। धमकी के डर से किशोरी ने इस बारे में किसी को नहीं बताया। इस बीच किशोरी गर्भवती हो गई तो सोनू की करतूत सामने आई। परिजनों ने सोनू के खिलाफ डिंडोली थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई।

केस 2
शिक्षक ने की छात्रा से छेड़छाड़
रांदेर रोड के पीपरड़ीवाला स्कूल में केमेस्ट्री के शिक्षक केतन सेलर ने ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा को स्कूल छूटने के बाद मोराभागल तक कार में लिफ्ट दी, लेकिन वह मोरा भागल जाने के बदले कार को पालनपुर जकातनाका होते हुए गौरव पथ की ओर ले गया। रास्ते में उसने छात्रा के साथ अश्लील हरकतें की। छात्रा के विरोध करने पर उसे कार से उतार दिया। छात्रा से घटना के बारे में पता चलने पर परिजन उसे रांदेर थाने ले गए और शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया।

केस 3
लालच देकर बच्ची को किया गर्भवती
उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र के बदलपुर गांव के मूल निवासी उमेश गुप्ता (36) ने दो साल पहले एक किशोरी से बलात्कार किया। तब वह सिर्फ दस साल की थी। केले का ठेला लगाने वाला उमेश स्कूल आते-जाते समय उसे फल, मिठाई और श्रृंगार की चीजें देता था। डेढ़ साल पहले गांव में पत्नी की मौत हो जाने पर उमेश गुप्ता सूरत छोड़ कर गांव चला गया। उसके बाद उसी क्षेत्र में मैकेनिक की दुकान चलाने वाले रमेश शर्मा (38) ने किशोरी को श्रृंगार का सामान और मिठाई का लालच देकर बलात्कार किया। किशोरी गर्भवती हो गई। इस मामले में पुलिस ने उमेश और रमेश को गिरफतार कर लिया।

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