आठ इंच बारिश से सूरत पानी-पानी, घरों में घुसा खाडिय़ों का पानी

भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, खाडिय़ां ओवरफ्लो, निचले इलाकों में भरा पानी, मनपा ने किया रेस्क्यू, पानी निकालने के लिए जगह-जगह लगाए डिवाटरिंग पंप

By: विनीत शर्मा

Updated: 13 Aug 2020, 08:44 PM IST

सूरत. बीते दो दिनों से शहर समेत दक्षिण गुजरात में हुई जबरदस्त बारिश के कारण खाडिय़ां भी ओवरफ्लो हो गईं। बीते 48 घंटे में हुई आठ इंच बारिश से पूरा शहर पानी-पानी हो गया। बारिश के कारण मिंढोला और तापी नदी ही नहीं खाडिय़ों में भी जलस्तर बढऩे लगा है। खाडिय़ां ओवरफ्लो होने से पानी रास्तों और घरों तक आ गया। बारिश और जलभराव के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। मनपा प्रशासन ने फंसे लोगों का रेस्क्यू करने के साथ ही पानी निकालने के लिए जगह-जगह डिवाटरिंग पंप लगाए हैं।

सूरत समेत दक्षिण गुजरात में बीते दो दिनों से जबरदस्त बारिश हो रही है। शहर में बीते 48 घंटे में आठ इंच बारिश हुई, जिससे शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी। बारिश से शहर पानी-पानी हुआ तो शहर के निचले इलाकों समेत रेलवे के सभी अंडर पास में भी पानी भर जाने से वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उकाई बांध के कैचमेंट क्षेत्र में भी लगातार हो रही बारिश के कारण बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बीते दो दिनों में बांध का जलस्तर दो फीट बढ़कर 331.03 फीट हो गया है। गुरुवार शाम छह बजे तक बांध में इनफ्लो 58379 क्यूसेक और आउटफ्लो 600 क्यूसेक था।

ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के कारण शहर में खाडिय़ां ओवरफ्लो हो रही हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव मीठी खाड़ी में देखने को मिला। मीठी खाड़ी ओवरफ्लो होने से बारिश के साथ ही खाड़ी का पानी सड़कों पर आने के साथ ही घरों तक में घुस गया। दिनभर बादलों के जमकर बरसने के कारण मनपा टीम को रेस्क्यू में भी खासी दिक्कत पेश आई। मनपा के जोन स्टाफ और दमकल टीमों ने पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया और उन्हें फूड पैकेट्स वितरित किए।
इसके अलावा उधना जोन में कोयली खाड़ी और वराछा खाड़ी में भी ओवरफ्लो के कारण लोग पानी में फंस गए। मौके पर स्थिति को संभालने के लिए मनपा प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। शहर में अलग-अलग जगहों पर खाड़ी ओवरफ्लो होने के कारण सड़कों पर आए पानी को निकलाने के लिए मनपा ने जगह-जगह डिवाटरिंग पंप लगाए।

14 साल में पहली बार

मीठी खाड़ी का जलस्तर 2006 के बाद पहली बार इतना बढ़ा है। खाड़ी का खतरे का निशान 7.25 मीटर है और फिलहाल यह 8.5 मीटर के लेवल पर बह रही है। यानी एक मीटर से ज्यादा का ओवरफ्लो है। इससे पहले 2006 में खाड़ी 8.85 मीटर तक पहुंची थी। हालांकि इससे एक साल पहले 2005 में खाड़ी का जलस्तर 9.45 मीटर तक पहुंच चुका है। सूरत शहर और ऊपरी क्षेत्र में खाड़ी के कैचमेंट एरिया में इसी तरह जोरदार बारिश जारी रही तो जल्द ही खाड़ी 2006 के लेवल को पार कर सकती है।

विनीत शर्मा Reporting
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