गुजारा भत्ता नहीं चुकाने पर पति को कैद

गुजारा भत्ता नहीं चुकाने पर पति को कैद

Sandip Kumar N Pateel | Publish: Sep, 07 2018 09:31:04 PM (IST) Surat, Gujarat, India

फैमिली कोर्ट का फैसला

सूरत. फैमिली कोर्ट के आदेशानुसार पत्नी और पुत्र को गुजारा भत्ता नहीं चुकाने कोर्ट ने पति को 165 दिन की कैद की सजा सुनाई।


भागल क्षेत्र निवासी सुनीता की शादी वर्ष 2002 में वड़ोदरा निवासी भरत शर्मा के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद भरत पत्नी को प्रताडि़त करने लगा। छोटी-छोटी बातों पर आशंका कर मारपीट करता था। इस दौरान उनके यहां एक पुत्र का जन्म हुआ, लेकिन इसके बाद भी भरत ने प्रताडि़त करना नहीं छोड़ा। आखिर सुनीता पुत्र को लेकर पीहर आ गई और पति के खिलाफ याचिका दायर कर भरण-पोषण के लिए गुहार लगाई थी, जिस पर कोर्ट ने उसकी याचिका मंजूर करते हुए माता-पुत्र को प्रतिमाह तीन हजार रुपए गुजारा भत्ता चुकाने का पति को आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के बावजूद भरत पत्नी और पुत्र को गुजारा भत्ता नहीं चुका रहा था, जिससे सुनीता ने अधिवक्ता प्रीति जोशी के जरिए फैमिली कोर्ट में पति के खिलाफ 66 हजार रुपए के लिए रिकवरी याचिका दायर की। याचिका दायर करने पर भी पति ने रुपए नहीं चुकाए तो फैमिली कोर्ट ने पति भरत को 165 दिन की कैद की सजा सुनाई।

 


गांजा के साथ पकड़े गए अभियुक्तों को साढ़े तीन साल की कैद



सूरत. 26 किलो से अधिक गांजा के साथ पकड़े गए दोनों अभियुक्तों को गुरुवार को सेशन कोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए साढ़े तीन साल कैद की सजा सुनाई।


प्रकरण के अनुसार कतारगाम पुलिस ने 18 जुलाई, 2008 को उत्कलनगर के पास शांतिनगर झोपड़पट्टी के एक मकान में छापा मार कर सुभाष एकादस परीड़ा और पद्मनाभ पूर्णचंद्र पाणीग्राही को 1.60 लाख रुपए के 26,760 किलोग्राम गांजा के साथ पकड़ा था। वहीं, एक अभियुक्त को वांछित घोषित किया था। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश होने के बाद सुनवाई के दौरान लोकअभियोजक भद्रेश दलाल आरोपों को साबित करने में सफल रहे। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को दोषी माना और साढ़े तीन साल की कैद तथा 35 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। दंड नहीं भरने पर छह महीने की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।

 

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