मासूम से छेड़छाड़, स्कूल ऑटो चालक को 7 साल की जेल

अठवा लाइंस की विनिता विश्राम स्कूल की कक्षा 3 की छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में सेशन कोर्ट ने अभियुक्त स्कूल ऑटो चालक को दोषी करार देते हुए सात साल क

By: मुकेश शर्मा

Published: 12 Nov 2017, 09:25 PM IST

सूरत।अठवा लाइंस की विनिता विश्राम स्कूल की कक्षा 3 की छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में सेशन कोर्ट ने अभियुक्त स्कूल ऑटो चालक को दोषी करार देते हुए सात साल की कैद और तीन हजार रुपए जुर्माने की सजा सुना दी।

प्रकरण के अनुसार लिंबायत विनोबानगर सोसायटी निवासी 45 वर्षीय ऑटो चालक विशाल बासू कोली विनिता विश्राम स्कूल के बच्चों को लाने-ले जाने का काम करता था। आरोप के मुताबिक 30 सितम्बर, 2015 को विनिता विश्राम स्कूल में कक्षा 3 में पढऩे वाली आठ वर्षीय छात्रा को स्कूल छूटने के बाद वह स्कूल के पिछले हिस्से में ले गया और उसके साथ छेड़छाड़ कर धमकी दी कि किसी से कुछ कहा तो जान से मार दूंगा। धमकी से डरी बच्ची ने दो दिन तक किसी से कुछ नहीं कहा, लेकिन जब उसे दर्द होने लगा तो उसने अपनी मां को बताया। बच्ची के माता-पिता के उमरा थाने में विशाल कोली के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने पर पुलिस ने छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी देने और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।

चार्जशीट पेश होने के बाद मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक अरविंद पी.वसोया आरोपों को साबित करने में सफल रहे। कोर्ट ने बच्ची की गवाही और अन्य सबूतों को ध्यान में रखते हुए अभियुक्त विशाल कोली को पॉक्सो एक्ट और आईपीसी की धारा 506(2) के तहत दोषी माना। पॉक्सो एक्ट के तहत सात साल की कैद, तीन हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 506(2) के तहत 2 साल की कैद और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने बच्ची को 25 हजार रुपए का मुआवजा चुकाने का भी आदेश दिया।

पाटीदार बाहुल्य इलाकों में लगे प्रवेश बंदी के बैनर

गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर सूरत में सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। वराछा और कतारगाम जैसे पाटीदार बाहुल्य क्षेत्रों की कई सोसायटियों में प्रवेश निषेध की सूचना वाले बैनर लगने से माहौल और गरमा गया है। राजनीतिक पार्टियों के लिए इन सोसायटियों में जाना मुश्किल हो गया है।

विधनासभा चुनाव को लेकर विभिन्न पार्टियों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए जोर-शोर से प्रचार शुरू कर दिया है। आम सभाओं के साथ जन संपर्क का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन आरक्षण को लेकर आंदोलित पाटीदार समाज राजनीतिक पार्टियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है।

शहर के वराछा और कतरागाम जैसे पाटीदार बाहुल्य क्षेत्रों में राजनीतिक पार्टियों के लिए प्रचार करना आसान नजर नहीं आ रहा है। इन क्षेत्रों की कई सोसायटियों के गेट पर राजनीतिक पार्टियों के लिए प्रवेश निषेध के बैनर लगा दिए गए हैं। बैनरों पर लिखा है कि सोसायटी में राजनीतिक पार्टियों के नेता और कार्यकर्ताओं के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है, इसलिए कोई भी इसका उल्लंघन न करे और वोट मांगने नहीं आए।

मुकेश शर्मा Reporting
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