PANCHAYAT CHUNAV: राजस्थान में एक बार फिर चुनावी किस्मत आजमाइश

कई प्रवासी राजस्थानी कपड़ा व्यापारी डटे हैं चुनाव मैदान में, ग्राम विकास के देख और दिखा रहे हैं ग्रामीणों को सपने

 

By: Dinesh Bhardwaj

Updated: 20 Sep 2020, 09:19 PM IST

सूरत. कोरोना महामारी की वजह से राजस्थान की शेष 3 हजार 8४8 ग्राम पंचायतों के चुनावों की घोषणा आखिर में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद हो चुकी है और मतदाताओं के बीच जाने के लिए प्रत्याशियों ने कमर कस ली है। चार चरण में आयोजित हो रहे पंचायत चुनाव में शामिल प्रत्याशियों में अनेक प्रत्याशी सूरत प्रवासी कपड़ा व्यापारी भी है जो चुनावी भाग्य की जोर आजमाइश कर रहे हैं।
लाखों की संख्या में सूरत में बसे प्रवासी राजस्थानियों का मरुधरा में गांव-ढाणी से जुड़ाव ज्यों का त्यों है और यहीं वजह है कि वे वहां से जुड़े किसी भी तरह के सामाजिक-धार्मिक ही नहीं बल्कि राजनीतिक आयोजन में भी पीछे नहीं रहते। फिर वो शादी-ब्याह के आयोजन हो या कथा-यात्रा का ही। इन सभी आयोजनों में सूरत में बसे प्रवासी राजस्थानी बढ़-चढ़कर भाग लेते रहे हैं। ऐसा ही एक और आयोजन इन दिनों राजस्थान में शुरू हुआ है और वह है ग्राम पंचायत चुनाव का और इसमें भी सूरत प्रवासी राजस्थानी महिला-पुरुष चुनावी भाग्य आजमाने से नहीं चूक रहे हैं। इससे पहले जनवरी और मार्च में आयोजित हुए पंचायत चुनाव में भी कई प्रवासियों ने भाग्य आजमाया और जीत का सेहरा भी बांधा। अब एक बार फिर गांव में जीत का परचम फहराने के उद्देश्य से कई सूरत प्रवासी ग्राम पंचायत चुनाव में भाग्य की आजमाइश कर रहे हैं।


कोरोना से टल गए थे चुनाव


राजस्थान की 11 हजार 341 ग्राम पंचायतों के चुनाव 2020 की शुरुआत के जनवरी व मार्च के दौरान चार चरण में होने तय हो गए थे और इनमें से तीन चरण तक 7 हजार 463 ग्राम पंचायतों के चुनाव सम्पन्न भी हो गए थे। चौथे व अंतिम चरण के चुनाव शेष 3 हजार 848 ग्राम पंचायतों में हो उससे पहले ही कोरोना महामारी ने राजस्थान समेत देशभर में पैर पसार दिए और नतीजन राजस्थान सरकार ने चौथे चरण के चुनाव स्थगित कर दिए। बाद में यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में जाने पर अक्टूबर तक शेष चुनाव सम्पन्न कराए जाने का फैसला आने पर राजस्थान में वापस गांवों की सरकार चुनने की तैयारियां तेज हुई।


गांव और ग्रामीणों से है सीधा नाता


राजस्थान की ग्राम पंचायतों में सरपंच का चुनाव लडऩे की मंशा रखने वाले कई सूरत प्रवासी इस वर्ष की शुरुआत से ही वहां पर सक्रिय है और कोरोना महामारी ने उन्हें यह अवसर और अधिक मात्रा में दे दिया। लॉकडाउन के दौरान वे करीब ढाई माह तक गांवों में ही रहे और ग्रामीणों से सीधा सम्पर्क रखा। नागौर जिले की परबतसर पंचायत समिति की भकरीमोसाल ग्राम पंचायत से सरपंच का चुनाव लड़ रहे कपड़ा व्यापारी श्याम माली ने बताया कि मार्च से ही वे गांव में सभी ग्रामीणों के सीधे सम्पर्क में है और इससे पहले भी उनका ग्रामजनों से सीधा नाता रहा है, इसलिए वे यहां प्रत्येक अच्छे प्रसंग में मौजूद रहे।


सूरत में हैं मतदाता, आएंगे मतदान दिवस पर


राजस्थान के नागौर, अजमेर, बीकानेर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, चुरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, झुंझुनूं, जोधपुर, पाली, सीकर, उदयपुर आदि जिलों के गांव-कस्बों के प्रवासी राजस्थानी बड़ी संख्या में सूरत में बसे हैं और इन सभी जिलों में ग्राम पंचायत चुनाव 28 सितम्बर, 4, 6 व 10 अक्टूबर को हैं। गांव और ग्रामीणों से सीधा जुड़़ाव होने की वजह से इन सभी जिलों के सूरत प्रवासी गांव की सरकार चुनने पंचायत क्षेत्र में जाएंगे। वहीं, चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी भी गांव के साथ-साथ सूरत में बसे प्रवासियों से भी सम्पर्क बनाए हुए हैं। इससे पहले भी राजस्थान से प्रत्याशी सूरत आकर सम्पर्क साध चुके हैं।


यह डटे हैं चुनाव मैदान में


राजस्थान में ग्राम पंचायत चुनाव के चौथे चरण में गांवों की सरकार बनाने के लिए चुनावी भाग्य आजमाने वालों में कुछ सूरत प्रवासी प्रत्याशियों की सूची यूं है।
ग्राम पंचायत प्रत्याशी व्यवसाय
पालड़ीकला रामनिवास टांडी प्लायवुड
भकरीमोसाल श्याम माली कपड़े की दुकान
बरना गोविंदराम सोहू एम्ब्रोयडरी
टापरवाड़ा कमला गोदारा एम्ब्रोयडरी
रघुनाथपुरा रामप्यारी धेड़ू कपड़े की दुकान

जनता जनार्दन के हाथ जीत-हार


गांव में काफी समय से रहकर गांव वालों के दुख-दर्द, अच्छे-बुरे में शामिल हो रहे हैं। लॉकडाउन और कोरोना में भी उनके बीच रहकर अपनापन पाया है। वे जनता-जनार्दन है और जीत-हार का फैसला उनके हाथ में हैं।
रामनिवास टांडी, प्रत्याशी सरपंच पद, पालड़ीकला ग्राम पंचायत।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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