script RAM MANDIR : दो किलो सोने-चांदी और पांच हजार डायमंड से बना राम मंदिर नेकलेस | RAM MANDIR : Ram Mandir necklace made of two kilos of gold-silver | Patrika News

RAM MANDIR : दो किलो सोने-चांदी और पांच हजार डायमंड से बना राम मंदिर नेकलेस

locationसूरतPublished: Dec 19, 2023 08:56:12 pm

जेम्स एंड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग की ओर से सरसाणा में आयोजित तीन दिवस एग्जीबिशन में राम मंदिर थीम पर बना नेकलेस और राम दरबार आकर्षण के साथ चर्चा का विषय बना है। बताया जा रहा है कि इसे बनाने में दो किलो सोने और चांदी के साथ पांच हजार से अधिक डायमंड का उपयोग हुआ है। 40 कारीगरों ने 30 दिनों की मेहनत से इसे बनाया है।

RAM MANDIR : दो किलो सोने-चांदी और पांच हजार डायमंड से बना राम मंदिर नेकलेस
RAM MANDIR : दो किलो सोने-चांदी और पांच हजार डायमंड से बना राम मंदिर नेकलेस
- राम, लक्ष्मण और सीता के साथ दो हिरणों की प्रतिमा :
इसमें नेकलेस का वजन 400 ग्राम है। इसमें राममंदिर के साथ राम, लक्ष्मण और सीता के साथ दो हिरणों की प्रतिमा भी है। इसे बनवाने वाले मलिक अपना नाम नहीं बताना चाहते, उनका कहना है कि यह केवल अयोध्या राममंदिर में भेंट करने के लिए बनाया गया है। ऑर्डर पर और बनाया जा सकता है। अभी इसकी कोई कीमत तय नहीं की गई है।

- सूरत देश के सभी युवाओं के सपने को साकार करने का प्लेटफॉर्म :
सूरत ज्वेलरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन और सूरत ज्वेल टेक फाउंडेशन की ओर से शनिवार को सरसाणा में आयोजित एक कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि सूरत को देश नहीं दुनिया के नक्शे पर मैन्युफैक्चरिंग हब की पहचान दिलाने में शहर के उद्यमियों का बड़ा योगदान है। मिनी भारत के तौर पर पहचाने जाने वाला सूरत देश के सभी युवाओं के सपने को साकार करने का प्लेटफॉर्म है। कोरोना के बाद खुले लॉकडाउन में सूरत एक ऐसा शहर था, जहां उद्यमियों के व्यवहार के कारण सबसे पहले कारीगर लौटकर काम शुरू किया। इनहीं उद्यमियों के चलते अब दुनिया के लोग सूरत में डायमंड बुर्स को देखने आएंगे।
- दुनिया के लोग डायमंड बुर्स देखने के लिए सूरत आएंगे :
ज्वेलरी मैन्युफैक्चरर्स को प्रोत्साहन, समर्थन, सुरक्षा और विकास करने में सहायता करने के उद्देश्य से सरसाणा में तीन दिवसीय इंटरनेशनल एग्जीबिशन का आयोजन किया गया है। शनिवार को शुरु हुए इस एग्जीबिशन का गुह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने उद्घाटन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे। इन्हें संबोधित करते हुए गृह राज्यमंत्री ने कहा कि सूरत शहर के पास से सीखने जैसा है। प्लेग, बाढ़ और गंदगी से बाहर निकले सूरत को अब युरोप भी देखने पहुंचेगा। सूरत के रोड़ डस्ट फ्री हुए है, यह एक मात्र शहर है जिसमें दुनिया का सबसे बड़ा कमर्शियल हब बना है। दुनिया के लोग डायमंड बुर्स देखने के लिए सूरत आएंगे। इसका श्रेय सूरत के 5400 लोगो को जाता है। सभी ने मिलकर इसे साकार किया है। सरकार सूरत की प्रोडक्ट को नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर पहुंचने में उद्यमियों की सहायता करेगी। ज्वेलरी उद्योग को योग्य प्लेटफार्म देने के लिए सरकार के प्रयत्न जारी है।

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