प्रवेश के लिए विद्यार्थियों ने की धोखाधड़ी !

- सत्यापन में पकड़ा गया विद्यार्थियों का फर्जीवाड़ा, प्रवेश किए रद्द

सूरत.

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए विद्यार्थियों ने धोखाधड़ी की है और प्रवेश फॉर्म के सत्यापन के दौरान यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। धोखा देकर प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों के प्रवेश रद्द कर दिए गए है।

विश्वविद्यालय के स्वयंपाठी पाठ्यक्रम में प्रवेश के मामले में गड़बड़ी होने का मामला प्रकाश में आया है। यह गड़बड़ी विश्वविद्यालय ने नहीं और ना ही प्रवेश समिति ने की है। प्रवेश के लिए गड़बड़ी विद्यार्थियों ने की है। विश्वविद्यालय के स्वयंपाठी पाठ्यक्रम में अक्टूबर 2019 को प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई थी।

नौकरी करने वाले और घर से पढऩे वाले विद्यार्थी स्वयंपाठी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेते हैं। प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में प्रवेश होते है, विद्यार्थी स्वयंपाठी पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत होने की राह देखते हैं। प्रवेश फॉर्म ऑनलाइन भरे जाते हैं।

इसके बाद उनका सत्यापन होता है। इस साल प्रवेश फॉर्म के सत्यापन में विद्यार्थियों की ओर से धोखा देने का मामला प्रकाश में आया है। कई विद्यार्थियों ने 12वीं पास होने की जानकारी गलत दी है। कई विद्यार्थी शैक्षणिक सत्र 2016 से परीक्षा दे रहे होने के बावजूद 2019 में प्रवेश के लिए फॉर्म भरा है।

नियम के अनुसार पास होने के लिए तीन साल का समय दिया जाता है, जो पूरा हो चुका है। तो कई विद्यार्थी विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार योग्य ही नहीं है। ऐसे विद्यार्थियों के प्रवेश को रद्द कर दिया गया है। विश्वविद्यालय की आंखों में धूल झोंककर विद्यार्थी प्रवेश पाने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन सत्यापन में विद्यार्थियों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।

Divyesh Kumar Sondarva Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned