SURAT KAPDA MANDI: शहर पुलिस आयुक्त से की एसआईटी के गठन मांग

सूरत कपड़ा मंडी में आर्थिक अपराध रोकने के लिए एसजीटीटीए ने बताया जरूरी

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 26 Oct 2020, 08:23 PM IST

सूरत. वैश्विक स्तर पर स्थापित पहचान वाली सूरत कपड़ा मंडी में आर्थिक अपराध व धोखाधड़ी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (विशेष जांच दल) के गठन की मांग सोमवार को शहर पुलिस आयुक्त अजय तोमर से की गई है। यह मांग कपड़ा व्यापारियों के संगठन साउथ गुजरात टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने तोमर से की है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल एसजीटीटीए के अध्यक्ष सांवरप्रसाद बुधिया ने शहर पुलिस आयुक्त अजय तोमर को बताया कि सूरत कपड़ा मंडी में कोरोना से उपजे संकटकाल में वैसे ही कपड़ा कारोबार की स्थिति खराब है और उस पर आर्थिक अपराध को बढ़ावा देने वाले चीटर तत्व बेलगाम है। ऐसे लोग धोखाधड़ी के नए-नए हथकंडे अपना रहे है। इस पर रोकथाम के लिए अहमदाबाद के समान सूरत में भी स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (विशेष जांच दल) के गठन की जरूरत है, ताकि सूरत कपड़ा मंडी में आर्थिक अपराध पर रोक लग सकें। एसजीटीटीए के प्रतिनिधिमंडल में कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन, संतोष माखरिया, सचिन अग्रवाल, खेमकरण शर्मा आदि मौजूद थे।


चीटर व्यापारी गेंग के जीएसटी नम्बर ब्लॉक करने की मांग


सूरत. सूरत कपड़ा मंडी के व्यापारियों के संगठन व्यापार प्रगति संघ ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सूरत के कपड़ा कारोबार में घुस चुके चीटर व्यापारी गेंग के सदस्यों के जीएसटी नम्बर ब्लॉक व निरस्त किए जाने की मांग की है। पत्र में वीपीएस के मुख्य संयोजक संजय जगनानी व संयोजक उमेश अग्रवाल ने बताया कि सूरत कपड़ा मंडी में कपड़ा उत्पादक व व्यापारी बाहर मंडियों में माल बेचते है, लेकिन कई जगहों पर चीटर व्यापारियों की गेंग जम गई है और वे उधार बेचे माल का भुगतान नहीं करती और बार-बार तकाजा करने पर मारने की धमकियां देती है। ऐसे तत्वों को कपड़ा कारोबार से बाहर निकालने के लिए जरूरी है कि उनके जीएसटी नम्बर ब्लॉक कर दिए जाए, ताकि वे किसी भी अच्छे व्यापारी से माल की खरीदी नहीं कर सकें।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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