SURAT NEWS: माता का अश्व पर आगमन, नरवाहन पर विदाई

प्रथम दिवस पर ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग आदि के बन रहे हैं संयोग

 

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 11 Apr 2021, 08:44 PM IST

सूरत. इस बार जगतजननी मां अम्बे अश्व की सवारी के साथ मंगलवार से प्रारम्भ हो रहे चैत्र नवरात्र में आएगी और विदाई वेला में 21 अप्रेल को नरवाहन की सवारी के साथ जाएगी। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिवस घट स्थापना के अवसर पर कई श्रेष्ठ मुहूर्त का संयोग भी बन रहा है। इसमें ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग आदि शामिल है।
प्रत्येक वर्ष चैत्र, आषाढ़, आश्विन व माघ मास में नवरात्र पर्व मनाने की परम्परा है। इसमें आषाढ़ व माघ मास के नवरात्र गुप्त रहते हैं। भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ होता है। इस बार नवरात्र स्थापना मंगलवार को होने से मातारानी अश्व पर सवार होकर आएगी। चैत्र नवरात्र में इस बार कई शुभ मुहूर्त का विशेष संयोग भी बन रहे है जो कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा मंगलवार से चैत्र शुक्ल नवमी 21 अप्रेल तक रहेंगे। नवरात्र पर्व के दौरान घट स्थापना, गणगौर विसर्जन, श्रीरामनवमी आदि के उत्सव भी मनाए जाएंगे। चैत्र प्रतिपदा मंगलवार से नववर्ष की शुरुआत भी होगी और इस दौरान गुडीपड़वा, गौतम जयंती, झुलेलाल जयंती आदि के आयोजन भी किए जाएंगे। हालांकि कोरोना महामारी की वजह से गत वर्ष के समान इस बार भी चैत्र नवरात्र के अवसर पर आयोजित होने वाले सामूहिक कार्यक्रम स्थगित रखे गए हैं।

-घटस्थापना के यह हैं शुभ मुहूर्त

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा मंगलवार सुबह घट स्थापना के लिए पहला शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक कुल 4 घंटे 15 मिनट की अवधि का है। दूसरा शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक का है। इसमें ब्रह्म मुहूर्त तड़के 4 बजकर 35 मिनट से सुबह 5 बजकर 23 मिनट तक, अमृतसिद्धि योग व सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6 बजकर 11 मिनट से दोपहर 2 बजकर 19 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 2 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक तथा अमृतकाल सुबह 6 बजकर 15 मिनट से सुबह 8 बजकर 3 मिनट तक है।

-यज्ञवेदी में विप्रजन देंगे आहुतियां

चैत्र नवरात्र के अवसर पर स्वामी विजयानंद महाराज के सानिध्य में श्रीदक्षिणाभिमुखी शनि-हनुमान मंदिर आश्रम प्रांगण में पंचकुंडीय महायज्ञ का आयोजन मंगलवार से प्रारम्भ होगा। इस संबंध में महाराज ने बताया कि कुंभ होने की वजह से वे अभी हरिद्वार में है और यहां पर स्वरुपानंद आश्रम में भी महायज्ञ का आयोजन उनकी देखरेख में किया जाएगा। सूरत व हरिद्वार में आयोजित पंचकुंडीय महायज्ञ के दौरान सुबह-शाम दो सत्र में दुर्गा सप्तशती के मंत्रों के साथ विप्रजन आहुतियां देंगे।

-मां अम्बे के द्वार रहेंगे बंद

सूरत की अधिष्ठात्री देवी मां अम्बे के द्वार नवरात्र पर्व के दौरान बंद रखे जाएंगे। इस संबंध में श्री अंबिकानिकेतन ट्रस्ट ने बताया कि कोरोना से पनपी भयावह स्थिति को ध्यान में रखकर मंगलवार से प्रारम्भ हो रहे चैत्र नवरात्र के दौरान श्रीअंबिकानिकेतन मंदिर दर्शनार्थियों के लिए बंद रखा जाएगा। 21 अप्रेल तक नवरात्र पर्व के दौरान दर्शनार्थियों के लिए गतवर्ष के समान ट्रस्ट ने ऑनलाइन माताजी के दर्शन की व्यवस्था इस बार भी की है और वे अपने मोबाइल में आईटूआई एप्लीकेशन डाउनलोड कर दर्शन कर सकेंगे।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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