SURAT NEWS: नए साल में पहले 114 दिन तक कोई सावा नहीं

धनुर्मलमास के बाद पहले गुरु अस्त का रहेगा मांगलिक कार्यों पर प्रभाव और उसके बाद एक माह के लिए शुक्र अस्त

 

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 27 Nov 2020, 08:47 PM IST

सूरत. विवाह का ख्वाब आंखों में संजोए युवक-युवतियों के लिए जहां मुश्किलें ज्यों की त्यों बनी हुई है वहीं, उनके अभिभावकों को भी जीवन एक बड़ी जिम्मेदारी का निर्वाह करने में फिलहाल दिक्कतें कम नहीं हुई है। पहले तो कोरोना महामारी ने साल की शुरुआत के सारे वैवाहिक सावे बिगाड़ दिए और अब अंगुलियों पर गिने जा सकें सावों के बीच दूसरी लहर बने-बनाए मंडप-मुहूर्त बिगाड़ रही है। इतना ही नहीं अगले साल में भी पहले 114 दिन तक कोई वैवाहिक सावा नहीं है।
दीपावली के ग्यारह दिन बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी अर्थात देवउठनी एकादशी 25 नवम्बर बुधवार से ही शहर सहित आसपास के इलाकों में विवाह समेत अन्य शुभ प्रसंगों पर शहनाइयों की गूंज लम्बे अंतराल के बाद सुनाई देने लगी है, लेकिन इसकी मीठी आवाज फिर से कोरोना महामारी की दूसरी लहर के चलते दब सी गई है। इसकी वजह में एक तो पहले ही वैवाहिक सावे नवम्बर-दिसम्बर में अधिक नहीं है और जो हैं उन पर भी कोरोना महामारी की दूसरी लहर का साया कुछ ऐसा मंडरा रहा है कि लोगों को आयोजन दूसरी बार स्थगित करने पड़ रहे हैं और उनकी तैयारियां व्यर्थ होती प्रतीत हो रही है। ज्योतिष मत से नवम्बर व दिसम्बर में कुल सात वैवाहिक सावे हैं और इन पर बड़े पैमाने पर पहले शहनाइयों की गूंज सुनाई देना तय था, लेकिन जैसे ही दीपावली बाद कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बढ़ते प्रभाव से केंद्र व राज्य सरकारें सख्ती बरतने लगी तो दिन-प्रतिदिन विवाह समारोह स्थगन के संदेश अथवा बिल्कुल सुक्ष्म आयोजन की ही जानकारियां लोगों को मिल रही है। एक जनवरी से शुरू होने वाले नए साल के दौरान पहले 114 दिन तक कोई वैवाहिक सावा ज्योतिष मत से नहीं है, हालांकि फरवरी के दौरान दो सावे 15 व 16 तारीख के विवाहयोग्य युवक-युवतियों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

-इतने लंबे अंतराल की यह है वजह

दिसम्बर के दूसरे पखवाड़े से शुरू होने वाला धनुर्मलमास मकर संक्रांति 14 जनवरी को पूरा होगा और इस अवधि में शुभ प्रसंग बाधित रहेंगे। इसके बाद 19 जनवरी से 11 फरवरी तक गुरु अस्त रहेगा और इसके उदय होने के दस दिन बाद ही 21 फरवरी को शुक्र अस्त हो जाएगा। हालांकि इस दौरान 15 व 16 फरवरी को वैवाहिक सावे रहेंगे। शुक्र तारे का उदय बाद में 16 अप्रेल को होगा और तब तक ज्योतिष मत से मांगलिक कार्यक्रम नहीं हो सकेंगे। पति का स्वामी गुरु व पत्नी का स्वामी शुक्र होने से वैवाहिक आयोजन में इनकी उदय स्थिति बेहद जरूरी मानी जाती है।

-पहले सावों के दौर पर फिर चुका पानी

वर्ष की शुरुआत में मकर संक्रांति 14 जनवरी को धनुर्मलमास की समाप्ति हो गई थी और जनवरी तथा फरवरी के 14 वैवाहिक सावों पर खूब नगाड़े-शहनाई की गूंज सुनाई दी, लेकिन इसके बाद मार्च के दो, अप्रेल के तीन, मई के आठ व जून छह समेत कुल 19 वैवाहिक सावों पर सूरत ही नहीं बल्कि पूरे देश में कोई गिनी-चुनी ही शादियां संभव हो पाई, वह भी आठ से दस जनों की उपिस्थिति के बीच। कोरोना महामारी के चलते 23 मार्च से 31 मई तक लॉकडाउन रहा और इस दौरान बड़ी मुश्किल से वैवाहिक आयोजन संपन्न हो पाए थे और जो हुए भी तो उनमें परिजनों के अलावा अन्य शामिल नहीं हो पाए थे।

-११४ दिन बाद भी 32 वैवाहिक सावे

कोरोना महामारी पर अगले वर्ष तक नियंत्रण व वैक्सीन की संभावनाएं प्रबल हो जाती है तो पहले 114 दिन तक वैवाहिक सावे नहीं होने के बाद भी शादियों की धूमधाम मच सकती है। इसकी वजह यह है कि अगले वर्ष मई-जून में बम्पर वैवाहिक सावे है और इस मामले में अप्रेल भी पीछे नहीं रहेगा। 17 अप्रेल को शुक्र उदय होने के बाद 24, 25, 26, 28, 29 व 30 अप्रेल के सावों से चले दौर में मई की 1, 4, 8, 20, 21, 22, 24, 26, 28, 30 व 31 तारीख ही नहीं बल्कि जून की 3, 4, 6, 15, 16, 19, 20, 21, 24, 26 व 28 तारीख भी शामिल है। इसके अलावा जुलाई में देवशयन एकादशी से पहले तक 1, 2, 3 व 13 तारीख के चार सावे भी रहेंगे।

-गुरु-शुक्र अस्त में बीतेगी लम्बी अवधि

कोरोना महामारी का ग्रहण वैसे ही वैवाहिक सावों पर पहले से लगा है। अगले वर्ष फरवरी में गुरु व शुक्र तारे के अस्त होने से 19 जनवरी से 16 अप्रेल तक की लम्बी अवधि में इसमें बीत जाएगी। हालांकि इस बीच दो सावे अवश्य फरवरी में आएंगे।

पं. हरीश जोशी, ज्योतिषविद्

Dinesh Bhardwaj Reporting
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