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सूरत के दीवाने खाटू में दिखाएंगे सफाई के जलवे

श्रीश्याम दीवाने कीर्तन मंडली ने एक बार फिर उठाई जिम्मेदारी, फिलहाल बिछा रहे है पथ मार्ग में बालू मिट्टी

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सूरत के दीवाने खाटू में दिखाएंगे सफाई के जलवे

सूरत के दीवाने खाटू में दिखाएंगे सफाई के जलवे

सूरत. शीश के दानी बाबा श्याम के दीवानों की देश-दुनिया में कोई कमी नहीं। बाबा श्याम के दीवाने भी कैसे-कैसे है कोई सैकड़ों किमी दूर से पैदल चलकर आता है तो कोई रींगस से रोजाना सुबह-शाम पैदल दर्शन करने जाता है। इन्हीं दीवानों की मंडली में एक समूह सूरत का भी शामिल है जो कि जैसा नाम वैसा ही काम इन दिनों खाटूधाम में दिखा रहा है। यहां बात सूरत के श्रीश्याम दीवाने कीर्तन मंडली की हो रही है जो कि इस बार भी खाटूधाम में फाल्गुन लक्खी मेले में साफ-सफाई की जिम्मेदारी हंसी-खुशी लिया है।
बाबा श्याम की नगरी खाटूधाम जाने वाले श्यामभक्त श्रद्धालुओं को भली-भांति ख्याल है कि रींगस से खाटूनगरी तक 17 किलोमीटर के मार्ग पर मेले के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार पैदल चलती रहती है और इसके बाद तोरणद्वार से पहले ही उन्हें चारणखेत व लखदातार मैदान में बनाई करीब 3-4 किलोमीटर लम्बी जिगजैग में से होकर गुजरना पड़ता है। इसके बाद खाटूश्यामजी मंदिर के बाहर बनी जिगजैग में खड़े रहकर दर्शनार्थियों को बाबा श्याम के दीदार का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इन सबके बीच यात्रियों के मार्ग को साफ-सुथरा बनाए रखने की जिम्मेदारी श्रीश्याम दीवाने कीर्तन मंडली ने इस बार तीसरे साल भी लगातार बाबा श्याम की कृपा से उठाई है। 2018 से जारी श्रीश्याम दीवाने कीर्तन मंडली के इस सेवाकार्य में हरि मल्ल, भगवान मल्ल, राम राठी, बजरंग झंवर, विकास मोहता, निरंजन झंवर, शंकर राजपुरोहित समेत कई सेवाभावी कार्यकर्ता सक्रिय है।


पहले उठाए कंकर-पत्थर फिर बिछाई बालू रेत


25 श्रमिकों को दिहाड़ी मजदूरी पर रखकर श्रीश्याम दीवाने कीर्तन मंडली के दस सदस्यों ने बुधवार तक रींगस से खाटूधाम के तोरणद्वार तक के मार्ग से कंकर-पत्थर हटाए। करीब डेढ़ दिन तक चले साफ-सफाई के इस कार्य में मंडली के 35 सदस्यों ने सुबह आठ से रात आठ बजे तक लगातार 12 घंटे रींगस से खाटूधाम के बीच 15 किलोमीटर तक कंकर-पत्थर बीनने का कार्य किया। इसके बाद साफ-सुथरे पथ मार्ग पर बालू मिट्टी बिछाई गई।

तीन सौ ट्रॉली बालू मिट्टी बिछाई


रींगस से करीब आधा किलोमीटर दूर से मंडली ने पथ मार्ग से कंकर-पत्थर हटाकर उस पर बालू मिट्टी बिछाने का कार्य किया। इसमें पहले डेढ़ दिन तक हटाए गए कंकर-पत्थर से डेढ़ ट्रॉली भरी गई। इसके बाद सड़क किनारे तीन फीट की चौड़ाई तक पदयात्रियों के सुविधार्थ बालू मिट्टी बिछाने का कार्य शुरू हुआ और इसमें गुरुवार रात तक तीन सौ ट्रॉली बालू मिट्टी बिछाई जा चुकी थी। फाल्गुन लक्खी मेले में हजारों पदयात्री लाल जाजम के साथ-साथ बालू मिट्टी पर चलेंगे।

एक मार्च से लगातार होगी सफाई


फाल्गुन लक्खी मेले के दौरान खाटूश्यामजी मंदिर के बाहर बनी जिगजैग को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए श्रीश्याम दीवाने कीर्तन मंडली के एक सौ इकत्तीस सदस्य दिन-रात श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच से गंदगी-कचरा साफ करते रहेंगे। मंडली ने मंदिर प्रांगण के बाहर साफ-सफाई की रूपरेखा तैयार कर ली है और इसमें 131 सदस्यों की अलग-अलग टोलियां अलग-अलग समय में जिगजैग की अलग-अलग गैलरी में चप्पल-जूते, प्लास्टिक समेत अन्य कचरा हटाने में व्यस्त रहेगी।


स्वयं के चुभे तो ख्याल आया


रींगस से खाटूधाम तक कुछ साल पहले मेले में साष्टांग दंडवत यात्रा के दौरान कंकर-पत्थर चुभने की तकलीफ महसूस हुई थी। बस तब से ठान लिया कि अब किसी श्यामभक्त के पैर में कंकर-पत्थर नहीं चुभना चाहिए और बाबा की कृपा से सफाई कार्य लगातार जारी है।
हरिभाई मल्ल, सेवा प्रभारी, श्रीश्याम दीवाने कीर्तन मंडली