69 लाख के रद्द नोटों के साथ दो गिरफ्तार

पुराने नोटों को 9 प्रतिशत के अंतर से बदलने आए थे
दोनों आरोपी सूरत के रहने वाले

By: Sunil Mishra

Published: 16 Nov 2018, 09:50 PM IST


नवसारी. दो वर्ष पूर्व रद्द किए गए 500 एवं 1000 रुपए के नोटों को 9 प्रतिशत के अंतर से बदलवाने आए सूरत के दो जनों को नवसारी सिटी पुलिस ने दबोच लिया। दोनों आरोपियों के पास 69 लाख रुपए के रद्द नोट बरामद किए गए।
मोदी सरकार ने 8 नवंबर, 2016 की मध्यरात्रि से 500 एवं 1000 रुपए के नोटों को रद्द कर दिया था। इसके बाद बैंकों के बाहर पुराने नोटों को बदलवाने के लिए लंबी कतारंे लगी। कई जगहों से बड़ी संख्या में रद्द नोट भी पकड़े गए थे। यह सिलसिला आज भी कायम है। गुजरात समेत भारत के कई क्षेत्रों में 500 एवं 1000 के प्रतिबंधित नोट पकड़े जा रहे हंै।
गुरुवार देर रात नवसारी सिटी पुलिस ने दो जनों को गिरफ्तार किया है। सिटी पुलिस के उपनिरीक्षक एस.एफ. गोस्वामी को रात्रि गश्त के दौरान सूचना मिली थी कि शहर के विरांजली मार्ग पर अग्रवाल कॉलेज के गरनाले के पास दो लोग बिना नंबर की मोपेड पर पुराने रद्द नोटों के साथ आने वाले हैं। इसके आधार पर पुलिस ने विरांजली मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी। दो जने सफेद रंग की मोपेड पर एक बैग के साथ आए, जिन्हें पुलिस ने घेर कर दबोच लिया। दोनों के पास मिले बैग की जांच की तो उसमें से रद्द किए गए 500 एवं १००० के नोट मिले। पुलिस ने सूरत के राणी तालाब, बीबी की वाडी निवासी मोहम्मद जुबेर मोहम्मद हनीफ झवेरी (47) और उसके साथी सूरत के नाना वराछा, नवदुर्गा सोसायटी निवासी रमेश विठ्ठल रावल (47) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ में पता चला कि नवसारी में वह 9 प्रतिशत के अंतर से रद्द नोटों को नए नोटों में बदलवाने वाले थे। हालांकि जो व्यक्ति उन्हें नोट बदलकर देने वाला था, उसकी कोई जानकारी अभी तक पुलिस को नहीं मिली है।

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जब्त नोटों की कीमत शून्य
पुलिस ने दोनों के पास रद्द 500 रुपए के 10 हजार, 913 नोट और 1000 रुपए के 1 हजार, 451 नोट जब्त किए। हालांकि इन नोटों की कीमत शून्य मानी गई। मौके से 55 हजार रुपए की मोपेड तथा 1 हजार रुपए के मोबाइल के साथ 56 हजार रुपए का सामान भी जब्त किया गया। नवसारी सिटी थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने आगे की जांच शुरू की है।

आरोपी जुबेर का आपराधिक इतिहास

पुराने रद्द नोटों के साथ पकड़े गए मोहम्मद जुबेर झवेरी का आपराधिक इतिहास होने की चर्चा है। बताया जाता है कि वह सूरत में टाडा के केस में पकड़ा जा चुका है। पुलिस उपनिरीक्षक एस.एफ. गोस्वामी के अनुसार जुबेर नवसारी में पहली बार पकड़ा गया है, इसलिए उसका यहां कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। टाडा का आरोपी है या नहीं, इसके लिए सूरत डीसीबी को पत्र लिख जानकारी मांगेंगे। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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