पहली फुर्सत मिली तो कोरोना के बीच इम्युनिटी पर लिख दी किताब

मूल राजस्थान से सूरत आकर बसे पेशे से व्यवसायी और बीते तीन साल से ऑटो इम्यून से जूझ रहे लेखक ने खुद पर किए शोध का लिया सहारा

By: विनीत शर्मा

Published: 25 May 2020, 04:32 PM IST

विनीत शर्मा

सूरत. बीते दो महीनों में जब लोग लॉकडाउन खुलने का इंतजार कर रहे थे, टैक्सटाइल इंजीनियर और पेशे से व्यवसाई संदीप डांगी ने कोरोना से बचाव के मूल मंत्र इम्युनिटी पर किताब ही लिख दी। डांगी मूल राजस्थान के राजसमंद जिले के आमेट गांव से बरसों पहले वर्ष 2003 में सूरत आ गए थे। बीते करीब सात-आठ वर्ष से ऑटो इम्यून बीमारी अंकिलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस से ग्रसित हैं। करीब तीन वर्ष पहले उन्हें इसकी गंभीरता पता चली और तब से अपनी इम्यूनिटी सुधारने के लिए खुद पर ही शोध कर रहे हैं।

लॉकडाउन में जैसे ही काम-धंधे से फुरसत पाई, उन्होंने इस वक्त का इस्तेमाल अलग तरीके से किया। घर में बैठ कर उन्होंने अपने शोध को शब्दों का जामा पहनाया है। इस कोशिश ने उन्हें इंजीनियर और व्यवसायी के साथ ही अब एक लेखक भी बना दिया है। संदीप ने इम्यूनिटी को ही अपने लेखन का विषय बनाया है। अपनी किताब में भी उन्होंने इसी बात का जिक्र किया है कि इम्युनिटी आखिर बढ़ाई कैसे जाए। इम्यूनिटी एक दिन में न बनती है और एक दिन में बिगड़ती है। इम्यूनिटी का संबंध पाचन तंत्र और उसमें मौजूद जीवाणुओं से है। अच्दी नींद जहां इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाती है, तनाव, शराब, तम्बाकू आदि इसके दुश्मन हैं।

संदीप ने इम्युनिटी बढ़ाने के लिए नियमित ध्यान, प्राणायाम और योगा को जरूरी बताया है। उन्होंने लिखा है कि करोना से जंग में इम्यूनिटी से ज्यादा प्रभावी हथियार दूसरा नहीं है। कोरोना पर काबू करने के लिए दुनिया जिस दवा खोज रही है, वह हमारे शरीर में ही बनती है। उसे बस जागृत करने की जरूरत है। जब लॉकडाउन 4 में कई छूट दी गई हैं, कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए इम्युनिटी ही काम कर पाएगी। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अपनी किताब में उन्होंने अधिकांश उन तथ्यों का सहारा लिया है, जो खुद पर आजमाए जा चुके हैं और उनके सकारात्मक परिणाम मिले हैं।

किया हिंदी रूपांतरण

डॉ. विल टटल की लिखी किताब द वल्र्ड पीस डायट दुनियाभर में वेगन जीवन पद्धति की बाइबल समझी जाती है। डॉ. विल टटल नवंबर 2017 में कार्यक्रम में भाग लेने सूरत आए थे, चर्चा के बाद संदीप डांगी ने उनसे द वल्र्ड पीस डायट के हिंदी रूपांतरण के अधिकार लिए थे। यह किताब भी जल्द प्रकाशित होने वाली है। इस किताब में शाकाहार पर बल दिया गया है। वेगन यानी सिर्फ पौधे पर आधारित आहार। वेगन आहार कारोना संक्रमण के इस दौर में सामयिक है।

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