22 मार्च को बुध और गुरु होंगे वक्री, आपके साथ देश और दुनिया की भी बदलेगी किस्मत

बृहस्पति नौ मार्च को प्रात: 10 बजे से तुला राशि में विशाखा नक्षत्र आग्नेय मण्डल में वक्री गति से परिभ्रमण शुरू करेंगे। वे 14 अप्रेल को मार्गी होंगे।

By: सुनील शर्मा

Published: 09 Mar 2018, 01:56 PM IST

ज्योतिष गणना के अनुसार इस माह देवगुरु बृहस्पति तथा बुध ग्रह वक्री होंगे। बृहस्पति नौ मार्च को प्रात: 10 बजे से तुला राशि में विशाखा नक्षत्र आग्नेय मण्डल में वक्री गति से परिभ्रमण शुरू करेंगे। वे 14 अप्रेल को मार्गी होंगे। 22 मार्च को बुध ग्रह मीन राशि, रेवती नक्षत्र, वरुण मण्डल में वक्री होगा, जो कि 15 अप्रेल को मार्गी होगा।

वक्री गति में भी देंगे शुभ परिणाम
यूं तो आम धारणा है कि जब भी कोई ग्रह वक्र (उलटी) गति से भ्रमण करता है तो उसके आगामी परिणाम अशुभ होते हैं, लेकिन इस बार स्थित इसके बिलकुल उलट है। इस बार देवगुरु बृहस्पति और बुध ग्रह की वक्री चाल भी राहत और खुशहाली की सौगात देंगी। इन ग्रहों की वक्री चाल से एक ओर जहां आमजन के जीवन स्तर में तरक्की होगी वहीं पर्यावरण, उद्योग जगत, शिक्षा, स्वास्थ्य, शासकीय एवं प्रशासकीय क्षेत्र में भी काफी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। ज्योतिष शास्त्र की मान्यता के अनुसार जब दो सौम्य ग्रह एक साथ वक्र गति से भ्रमण करें तो उसका परिणाम शुभ ही रहता है और जीव-चराचर पर उसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं।

आम जनता को मिल सकते हैं शुभ समाचार
बृहस्पति और बुध सौम्य ग्रह माने गए हैं। ज्योतिष शास्त्र की मान्यता के अनुसार जब दो सौम्य ग्रह एक साथ वक्र गति से चलें तो उसका परिणाम शुभ ही होता है। ज्योतिषियों ने बताया कि इस मान्यता के अनुसार आगामी दिनों में आमजन को महंगाई से राहत की उम्मीद की जा सकती है। बुध ग्रह को व्यापार का अधिष्ठाता माना गया है तो वहीं बृहस्पति विद्या के दाता हैं। बुध ग्रह के वक्री होने से आमजन के उपयोग की वस्तुओं के साथ ही हरे रंग की वस्तुओं व प्रदार्थों की कीमतों में कमी का रुख रहेगा। इससे आमजन को महंगाई की मार से राहत मिलेगी।

पर्यावरण में भी होंगे सकारात्मक परिवर्तन
देवगुरु बृहस्पति की वक्र चाल का प्रभाव शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण के साथ ही राष्ट्र हित के विषयों में देखने को मिलेगी। शासक और प्रशासक वर्ग में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भी पर्यावरण को लेकर भी कई सकारात्मक परिवर्तन आने की उम्मीद है। इन दोनों सौम्य ग्रहों के वक्री होने का मौसम पर भी सकारात्मक प्रभाव रहेगा। खासकर पश्चिमी देशों में बेमौसम हो रही बर्फबारी थमेंगी। मौसम के इस रुख में मंगल का भी प्रभाव रहेगा। 7 मार्च को मंगल का ज्येष्ठा से मूल नक्षत्र में प्रवेश होगा। बेमौसम बरसात, आंधी, ओलावृष्टि, बर्फबारी से मुक्ति मिलेगी।

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सुनील शर्मा
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